दुर्ग। विकासखंड शिक्षा अधिकारी विनोद कुमार शुक्ला एवं श्रवण कुमार सिन्हा विकास खण्ड स्रोत समन्वयक के द्वारा शासकीय प्राथमिक शाला कोकड़ी में आकस्मिक निरीक्षण किया गया। इस निरीक्षण में तीन शिक्षक में से तीनो शिक्षक उपस्थित थे और सभी अपने कक्षा में शैक्षणिक कार्य कर रहे थे। शाला में बच्चों की उपस्थिति कक्षा पहली में 12 दर्ज में 12, कक्षा दूसरी 18 दर्ज मे 18, कक्षा तीसरी 13 दर्ज में 12, कक्षा चौथी 15 दर्ज में 14 एवं कक्षा पांचवी 15 दर्ज में 14 विद्यार्थी उपस्थित थे।
विकासखंड शिक्षा अधिकारी श्री शुक्ला ने कक्षा पांचवी में बारीकी से प्रत्येक बच्चों के धारा प्रवाह पुस्तक वाचन का निरीक्षण किया । कक्षा पांचवी के 15 बच्चों में से 14 बच्चों द्वारा हिंदी पुस्तक धारा प्रवाह पढ़ी गई। बच्चों से सामान्य ज्ञान की जानकारी जैसे हमारे देश की राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री, राष्ट्रगान एवं राष्ट्रीय गीत के रचयिता के नाम, राष्ट्रीय ध्वज में आरो की संख्या अशोक चिन्ह के बारे में पूछे गए बच्चों ने सभी प्रश्नों के उत्तर दिए।
इन बच्चों को 17, 18 एवं 19 का पहाड़ा पूछे गए और भाग के सवाल हल करवाए। इसी प्रकार कक्षा चौथी में 15 बच्चों में से 12 बच्चों ने हिंदी पुस्तक पढ़े। कक्षा तीसरी में 13 बच्चों में से 10 बच्चों ने हिंदी पुस्तक पढ़ें। एवं संख्या पहचान भी बच्चों से कराया गया। कक्षा दूसरी में बीईओ द्वारा लिखे हुए शब्दों को पढ़ने को कहा गया, बच्चों ने इन शब्दों को आसानी से पढ़ लिए। शाला में माध्यन्ह भोजन का भी अवलोकन किया गया। बच्चों को प्रफुल्ल चंद्राकर के द्वारा अपने पुत्र के जन्मदिवस के अवसर पर न्योता भोज दिए गए थे, जिसमें खीर, पुरी और आलू चना की सब्जी, दाल एवं चावल परोसी गई।
शाला में बच्चों को पाठ्य पुस्तक, गणवेश का वितरण किया जा चुका है। निरीक्षण में शाला एवं शाला परिसर स्वच्छ एवं शांत पाया गया। प्रधान पाठक संदीप यादव को बच्चों के धारा प्रवाह पुस्तक वाचन, 20 तक की पहाड़ के लिए नियमित अभ्यास करने को कहा गया और जाति प्रमाण पत्र बनाने के लिए बच्चों को आवश्यक दस्तावेज जमा कराने के लिए कहा गया।
निरीक्षण में विकासखंड स्त्रोत समन्वयक श्रवण कुमार सिन्हा, चंदखुरी के संकुल समन्वयक त्रिभुवन देशमुख, कोड़िया संकुल समन्वयक श्रीमती जागेश्वरी वर्मा, गांव के सरपंच युगल किशोर चंद्राकर, पंच दुलेश कुमार साहू, पंच खिलेंद्र कुमार साहू एवं पंच रामअवतार यादव उपस्थित थे।





