मगरलोड जनपद क्षेत्र में फर्जी दस्तावेजों के आधार पर सरकारी शिक्षक बने आठ लोगों को शिक्षा संचनालय के आदेश पर नौकरी से हटा दिया गया है।
धमतरी। धमतरी जिले के मगरलोड जनपद क्षेत्र में फर्जी दस्तावेजों का सहारा लेकर सरकारी शिक्षक बनने वाले आठ लोगों को नौकरी से बाहर कर दिया गया है। छत्तीसगढ़ शिक्षा संचनालय से जारी आदेश के मुताबिक अब यह सभी आठ शिक्षक नौकरी से बाहर कर दिए गए। 2007 में यह सभी बतौर शिक्षाकर्मी भर्ती में शामिल हुए थे।
फर्जी दस्तावेज लगाकर शिक्षाकर्मी बनने में सफल हुए थे। जिसके बाद में आरटीआई के तहत इन शिक्षा कर्मियों के दस्तावेजों की प्रति निकाली गई। तब खुलासा हुआ कि, ज्यादातर भर्ती फर्जी दस्तावेजों के आधार पर कर दी गई है। कई साल लंबी चली जांच के बाद अब कार्रवाई शुरू हो गई है।
इन शिक्षकों पर हुई बर्खास्तगी की कार्रवाई
(1) लखनलाल साहू प्रधान पाठक (निलंबित) शासकीय प्राथमिक शाला विश्रामपुर, (2) ईश्वरी निर्मलकर प्रधानपाठक शासकीय प्राथमिक शाला सोनारिनदैहान वि०ख-मगरलोड, (3) मंजू खुंटेर प्रधान पाठक शासकीय प्राथमिक शाला भरदा वि०ख-मगरलोड, (4) श्रीमती युकेश पिता/पति लोकेश्वर, प्रधान पाठक शासकीय प्राथमिक शाला भांठापारा दुधवारा वि०ख-मगरलोड, (5) लता साहू पिता राधेश्याम प्रधान पाठक शासकीय प्राथमिक शाला खिसोरा वि०ख-मगरलोड, (6) हेमंत कुमार साहू पिता ढेलूराम साहू, प्रधान पाठक शासकीय प्रार्थमक शाला करेलीछोटी वि०ख मगरलोड, (7) पुनम सोनवानी पिता श्री चैतराम, प्रधान पाठक शासकीय प्राथमिक शाला थानापारा सिहावा, (8) हरिशंकर साहू पिता गैतराम प्रधान पाठक शासकीय प्राथमिक शाला चर्दीबाहरा वि०ख-नगरी शामिल है।
आगे भी हो सकती है ऐसी कार्रवाई
आपको बता दें कि, यह सभी लोग भर्ती तो शिक्षाकर्मी के पद पर हुए थे। उसके बाद 18 साल की नौकरी के दौरान प्रमोशन लेकर प्रधान पाठक तक बन चुके हैं। अब इस तरह की कार्रवाई आगे और भी देखने को मिल सकती है। क्योंकि फर्जी भर्ती में आरोपियों की लिस्ट काफी लंबी है। फिलहाल, इस कार्रवाई के बाद फर्जी दस्तवेजो से नौकरी पाने वालों में डर का माहौल है।





