उतई। शासकीय प्राथमिक एवं पूर्व माध्यमिक शाला घुघसीडीह में शनिवार को संयुक्त रूप से शाला प्रवेशोत्सव का आयोजन किया गया। जिसमें पूर्व सरपंच गोवर्धन बारले मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। उनके साथ शाला प्रबंधन समिति की अध्यक्ष श्रीमती ममता चंद्राकर, श्रीमती सुमन चंद्राकर, श्रीमती किरण यादव उपस्थित रही।
कार्यक्रम का शुभारंभ पूजा अर्चना व दीप प्रज्वलित कर किया गया। पश्चात अतिथियों ने नवप्रवेशी बच्चों का तिलक लगाकर व मिठाई खिलाकर स्वागत किया। साथ ही बच्चों को पाठ्यपुस्तक व गणवेश प्रदान किया गया।
इस दौरान पूर्व सरपंच गोवर्धन बारले ने नवप्रवेशी विद्यार्थियों से आत्मीय संवाद किया और विद्यालय जीवन की नई शुरुआत के लिए उन्हें प्रोत्साहित किया। उन्होंने कहा कि शाला प्रवेश उत्सव केवल नामांकन का अवसर नहीं, बल्कि यह प्रत्येक बच्चे के उज्ज्वल भविष्य की पहली सीढ़ी है। उन्होंने कहा कि हर बच्चे तक गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पहुंचे, यह हम सभी की जिम्मेदारी है।
उन्होंने शिक्षकों और पालकों से आह्वान किया कि वे बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने हेतु संकल्प लें। विद्यालय प्रांगण में इस आयोजन को लेकर उत्सव जैसा माहौल रहा। बच्चों की मुस्कान, रंग-बिरंगे गुब्बारे और पारंपरिक वेशभूषा में सजे छात्रों ने इस दिन को शैक्षणिक पर्व में बदल दिया।
पूर्व माध्यमिक शाला के प्रधान पाठक एसडी कुरैशी ने कहा कि शाला का पहला दिन हमेशा यादगार रहता है। इस दिन को खास बनाने के लिए और बच्चों को प्रेरित करने के लिए शाला प्रवेशोत्सव का आयोजन किया जाता है। पालकों को भी इसकी जानकारी हो जाती है कि अब बच्चे स्कूल जाएंगे, इसलिए इसकी तैयारी शुरू कर देते हैं। उन्होंने कहा कि सरकार बच्चों के शैक्षिक गुणवत्ता पर बहुत जोर दे रही है।
प्राथमिक शाला के प्रधान पाठक श्रीमती बी संध्या ने बताया कि प्राथमिक स्तर पर कुल 69 एवं मिडिल स्कूल में 42 बच्चे दर्ज हैं। उन्होंने शाला विकास समिति के सदस्यों एवं सभी पालकों से अपील की कि वे शिक्षा के इस महाअभियान में भागीदार बनें और अपने आसपास के हर बच्चे को विद्यालय से जोड़ें, ताकि कोई भी बच्चा शिक्षा के अधिकार से वंचित न रहे।
कार्यक्रम में शिक्षकगण अशवनी यादव, श्रीमती नीलू विश्वकर्मा, श्रीमती मोनिका पाल, राजेश बंजारे, श्रीमती उषा जोशी, श्रीमती सरस्वती कोठारी, श्रीमती लता यादव, श्रीमती लक्ष्मी चंद्राकर, सुश्री राधिका ठाकुर सहित पालकगण व स्कूली बच्चे मौजूद थे।





