कोड़िया में PRA गतिविधि के माध्यम से विद्यार्थियों ने जानी किसानों की समस्याएं और ग्रामीण संसाधनों की स्थिति
उतई। छत्तीसगढ़ कृषि महाविद्यालय धनोरा के बीएससी कृषि चतुर्थ वर्ष के विद्यार्थियों ने ग्रामीण कृषि कार्य अनुभव (RAWE) कार्यक्रम के अंतर्गत अपने गोद ग्राम आदर्श ग्राम कोड़िया में ग्रामीण सहभागी मूल्यांकन (PRA) गतिविधि का आयोजन किया। रावे समन्वयक विवेक पांडेय के मार्गदर्शन में आयोजित इस गतिविधि में विद्यार्थियों ने किसानों के साथ मिलकर रंगोली के माध्यम से गांव का सामाजिक मानचित्र एवं संसाधन मानचित्र तैयार किया। कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने रंगोली के माध्यम से गांव की सामाजिक संरचना, प्रमुख स्थानों एवं उपलब्ध संसाधनों को आकर्षक रूप में प्रदर्शित किया। इस गतिविधि का उद्देश्य ग्रामीण परिवेश, सामाजिक व्यवस्था और उपलब्ध संसाधनों को समझने के साथ किसानों की समस्याओं एवं आवश्यकताओं की जानकारी प्राप्त करना था।
किसानों से संवाद कर जानीं कृषि संबंधी चुनौतियां
गतिविधि के दौरान विद्यार्थियों ने गांव के किसानों के साथ समूह चर्चा कर उनकी समस्याओं, कृषि संबंधी चुनौतियों एवं आवश्यकताओं पर विस्तार से संवाद किया। किसानों ने खेती में मजदूरों की कमी और बंदरों से फसलों को होने वाले नुकसान जैसी प्रमुख समस्याओं से विद्यार्थियों को अवगत कराया। इसके साथ ही प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना एवं प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना सहित विभिन्न सरकारी योजनाओं पर भी चर्चा की गई। किसानों ने इन योजनाओं से लाभान्वित होने की जानकारी साझा की।
किसानों और विद्यार्थियों की रही सक्रिय सहभागिता
कार्यक्रम में किसान लक्ष्मण पटेल, श्यामलाल निषाद, व्यास नारायण साहू, मोतीराम साहू, लखन निषाद, नेमिन बाई साहू, खिलावन साहू, चंद्रकुमार चंद्राकर, पुरुषोत्तम साहू, खेललाल साहू, दल सिंह निषाद, जगत निषाद, रोहित साहू, रामेश्वर चंद्राकर, लटखोर राम निषाद, आशीष चंद्राकर एवं रेखराज चंद्राकर सहित ग्राम के अन्य किसान उपस्थित रहे। किसानों ने अपने अनुभव साझा करते हुए विद्यार्थियों को ग्रामीण जीवन एवं कृषि की वास्तविक परिस्थितियों से परिचित कराया।
वहीं, अमीषा, अंकिता, शिबा, ऋचा, खुशी, पूनम, निधि, साक्षी, अनुराधा, दीपिका, अवनि, रितिका, आयुष, आर्यन, प्रतीक, किशन, दीपक एवं योगेश सहित अन्य विद्यार्थियों ने गतिविधि में सक्रिय सहभागिता निभाई।
व्यावहारिक अनुभव से ग्रामीण विकास की समझ
रावे कार्यक्रम समन्वयक विवेक पांडेय ने बताया की पीआरए गतिविधि के माध्यम से विद्यार्थियों को ग्रामीण समुदाय के साथ प्रत्यक्ष संवाद करने, सहभागी मानचित्रण की तकनीक सीखने तथा किसानों की समस्याओं, जरूरतों एवं उपलब्ध संसाधनों को समझने का व्यावहारिक अनुभव प्राप्त करने का अवसर देता है। साथ ही, किसानों के साथ मिलकर कार्य करने और ग्रामीण विकास की वास्तविक परिस्थितियों को करीब से जानते हैं। यह गतिविधि कृषि शिक्षा को व्यावहारिक अनुभव से जोड़ने तथा विद्यार्थियों में ग्रामीण समस्याओं के प्रति संवेदनशीलता विकसित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।





