दुर्ग। नवीन शिक्षक संघ छत्तीसगढ़ के प्रदेश सचिव गिरीश साहू एवं जिलाध्यक्ष दुर्ग संजीव मानिकपुरी के नेतृत्व में संगठन के प्रतिनिधिमंडल ने छत्तीसगढ़ के शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव से सौजन्य भेंट कर उन्हें जन्मदिन की शुभकामनाएं एवं बधाई दी। इस अवसर पर संघ पदाधिकारियों ने शिक्षक हितों से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों को प्रमुखता से रखते हुए मांग की कि राजपत्र प्रकाशन के पूर्व नियुक्त शिक्षकों को टीईटी की अनिवार्यता से मुक्त किया जाए, ताकि लंबे समय से सेवा दे रहे शिक्षकों की सेवा सुरक्षा सुनिश्चित हो सके। प्रतिनिधिमंडल ने इस संबंध में शासन स्तर पर सकारात्मक पहल करने का आग्रह किया।
इसके साथ ही प्रदेश में पड़ रही भीषण गर्मी, उमस एवं कई क्षेत्रों में व्याप्त पेयजल संकट को देखते हुए 16 जून के स्थान पर 1 जुलाई 2026 से विद्यालयों का संचालन प्रारंभ करने की मांग भी शिक्षा मंत्री के समक्ष रखी गई। संघ का कहना है कि वर्तमान मौसम परिस्थितियों में विद्यार्थियों के स्वास्थ्य एवं सुरक्षा को प्राथमिकता देना आवश्यक है। प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि छोटे बच्चों को अत्यधिक गर्मी के बीच विद्यालय भेजना उनके स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव डाल सकता है। इसलिए राज्य शासन को परिस्थितियों का पुनर्मूल्यांकन करते हुए स्कूल खोलने की तिथि पर पुनर्विचार करना चाहिए। प्रतिनिधि मंडल मे विनोद कुमार ठाकुर, दीपक साहू, राकेश धनकर, प्रमोद सुतार, ओमप्रकाश मानिकपुरी, नरेंद्र साहू, रूपा साहू, संजय मानिकपुरी आदि उपस्थित थे।
■ राजपत्र प्रकाशन के पूर्व नियुक्त शिक्षकों को टीईटी की अनिवार्यता से राहत प्रदान कर उनकी सेवा सुरक्षा सुनिश्चित की जानी चाहिए। साथ ही प्रदेश में जारी भीषण गर्मी और जल संकट को देखते हुए विद्यार्थियों के हित में 1 जुलाई से स्कूल संचालन प्रारंभ करने पर शासन को विचार करना चाहिए।”
– गिरीश साहू, प्रदेश सचिव, नवीन शिक्षक संघ छत्तीसगढ़
■ वर्षो से शासकीय स्कूलो मे सेवा दे अनुभवी शिक्षकों जिनकी नियुक्ति राजपत्र प्रकाशन के पूर्व हुआ है ऐसे अनुभवी शिक्षकों को टेट से राहत प्रदान कर शासन द्वारा सेवा सुरक्षा प्रदान किया जाना चाहिए।”
– संजीव मानिकपुरी, जिलाध्यक्ष नवीन शिक्षक संघ दुर्ग





