सत्तीपारा मंच पर भगवान गणेश व विश्वकर्मा जी की प्रतिमा पर माल्यार्पण और दीप प्रज्ज्वलन, मशीनरी व औजारों की पूजा कर सुख-समृद्धि की कामना
दुर्ग। धनोरा में गुरुवार को सृष्टि के देवता विश्वकर्मा जयंती धूमधाम से मनाई गई। सत्तीपारा मंच में भगवान गणेश और विश्वकर्मा भगवान के मूर्ति पर माल्यार्पण व दीप प्रज्ज्वलित किया गया। पश्चात विधि विधान पूर्वक पूजा अर्चना की गई।
इस दौरान समाजसेवी मनेश साहू ने कहा कि हर साल कन्या संक्रांति पर भगवान विश्वकर्मा की जयंती मनाई जाती है। विश्वकर्मा पूजा मशीनरी, औजार, वाहन आदि क्षेत्रों से जुड़े लोगों के लिए यह बड़ा पर्व है। इस दिन लोग अपने काम बंद रखते हैं। मशीनों और वाहनों को आराम देते हैं। उनकी साफ सफाई करते हैं और विश्वकर्मा के साथ ही सभी मशीनरी की पूजा की जाती है।
सरपंच श्रीमती रुलेश्वरी बंजारे ने कहा कि विश्वकर्मा देवताओं के शिल्पकार है और उनकी पूजा से मशीन से जुड़े कामों में आने वाली बाधाएं खत्म हो जाती है। सृष्टि का संचालन त्रिदेव के साथ ही भगवान विश्वकर्मा की वजह से हो रहा है। आज हमारे आसपास जितने भी मशीनरी निर्माण कार्य दिख रहे हैं। वे भगवान विश्वकर्मा की वजह से ही है। विश्वकर्मा ने देवताओं के लिए अस्त्र-शस्त्र, महल बनाए हैं। द्वापर युग में विश्वकर्मा जी ने भगवान श्रीकृष्ण की द्वारिका बनाई थी। सुदामा का महल बनाया था।
कार्यक्रम में सरपंच रुलेश्वरी बंजारे, पंचायत सचिव डोमेंद्र पटेल, पूर्व जनपद अध्यक्ष चंद्रशेखर बंजारे, साहू ढलाई ग्रुप के संचालक मनेश साहू, पूर्व सरपंच मनीष कुमार साहू, पंच मोतीलाल साहू, चेतन साहू, दिनेश कुमार साहू, देवकुमार बंजारे, रवि साहू, भानुप्रताप साहू, कुणाल साहू, लोमश यादव, युवराज साहू, धनऊ राम, संतलाल ठाकुर, ज्ञानचंद, रामस्वरूप ठाकुर, सुनील ठाकुर, मन्थीर, थानसिंग, ओमप्रकाश, कोमल, कमल, मुकेश साहू, गोविंद, नागेश, नरेंद्र, राजेश, रमेश, लालेश, हेमकुमार, युवराज, कुणाल, श्रवण साहू आदि उपस्थित थे।





