रायपुर। छत्तीसगढ़ के हजारों शिक्षकों के लिए देर रात हुई एक बैठक से बड़ी खबर सामने आई है। TET की अनिवार्यता, प्रमोशन और वेतन विसंगति जैसे मुद्दों को लेकर सहायक शिक्षक समग्र शिक्षक फेडरेशन के प्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से मुलाकात की। करीब 11:30 बजे हुई इस चर्चा में मुख्यमंत्री ने शिक्षकों की चिंताओं पर सरकार का रुख सामने रखा और भरोसा दिलाया कि TET के कारण किसी शिक्षक की नौकरी नहीं जाएगी।
- सरकार खुद कराएगी TET की परीक्षा?
- दूसरे राज्यों के मॉडल पर भी सरकार की नजर
- प्रमोशन में TET की शर्त पर भी उठी बात
- वेतन विसंगति पर फेडरेशन ने सबसे पहले रखी मांग
- पहले भी हुई थी CM और शिक्षक प्रतिनिधि की बातचीत
- करीब 10 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने रखी शिक्षकों की बात
- शिक्षिकाओं ने बांधा रक्षा सूत्र
- अब सरकार के अगले कदम पर टिकी नजर
बैठक में मुख्यमंत्री ने यह भी संकेत दिया कि दूसरे राज्यों में TET और पदोन्नति से जुड़े मामलों में होने वाली पहल का अध्ययन छत्तीसगढ़ सरकार भी कर सकती है। वहीं वेतन विसंगति के पुराने मुद्दे पर अधिकारियों के साथ चर्चा कर समाधान की दिशा में आगे बढ़ने की बात कही गई। ये मुलाकात सहायक शिक्षक समग्र शिक्षक फेडरेशन के प्रांतीय संयोजक मनीष मिश्रा और जिलाध्यक्ष अजय गुप्ता की अगुवाई में हुई। वहीं वार्ता के दौरान प्रांतीय पदाधिकारियों में वार्ता के दौरान कौशल अवस्थी, अश्वनी कुर्रे, टिकेश्वर भोई, आदित्य गौरव साहू, दिनेश नायक भी मौजूद थे। वहीं जशपुर जिला के ब्लाक अध्यक्ष सहित अन्य प्रतिनिधि मौजूद थे।
TET को लेकर मुख्यमंत्री ने दिया सबसे बड़ा आश्वासन
शिक्षकों के प्रतिनिधिमंडल की बातचीत में सबसे अहम मुद्दा TET रहा। फेडरेशन ने मुख्यमंत्री को बताया कि TET को लेकर प्रदेश के शिक्षकों के बीच असमंजस और चिंता की स्थिति बनी हुई है।
इस पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने स्पष्ट किया कि TET की वजह से किसी शिक्षक की नौकरी नहीं जाएगी। उन्होंने कहा कि सरकार का प्रयास है कि जिन शिक्षकों ने अभी तक TET उत्तीर्ण नहीं किया है, उन्हें परीक्षा उत्तीर्ण कराने की दिशा में आवश्यक व्यवस्था की जाए। मुख्यमंत्री के मुताबिक, सरकार के पास करीब 80 से 85 हजार शिक्षकों का आंकड़ा आया है, जिन्हें TET की आवश्यकता है।
सरकार खुद कराएगी TET की परीक्षा?
बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षा विभाग के माध्यम से TET परीक्षा कराने और सभी संबंधित शिक्षकों को परीक्षा उत्तीर्ण कराने की दिशा में तैयारी की जा रही है। सरकार की कोशिश बताई गई कि कोई भी शिक्षक इस प्रक्रिया में पीछे न छूटे। इसी वजह से विभागीय स्तर पर आगे की रणनीति तैयार की जा रही है। यह बयान ऐसे समय आया है, जब TET को लेकर शिक्षक संगठन लगातार अपनी मांगें सरकार के सामने रख रहे हैं।
दूसरे राज्यों के मॉडल पर भी सरकार की नजर
TET के समाधान को लेकर मुख्यमंत्री ने मध्यप्रदेश और ओडिशा में हो रही गतिविधियों का भी उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ के अधिकारी इन राज्यों से संपर्क में हैं और वहां इस विषय में होने वाली पहल की जानकारी जुटा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने संकेत दिया कि यदि इन राज्यों में शिक्षकों के लिए कोई व्यावहारिक व्यवस्था सामने आती है, तो छत्तीसगढ़ में भी उसका परीक्षण किया जा सकता है।
प्रमोशन में TET की शर्त पर भी उठी बात
शिक्षक प्रतिनिधियों ने केवल नौकरी की सुरक्षा का मुद्दा ही नहीं उठाया, बल्कि पदोन्नति में TET की अनिवार्यता को लेकर भी अपनी परेशानी बताई। प्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री का ध्यान इस ओर दिलाया कि सुप्रीम कोर्ट की ओर से TET उत्तीर्ण करने के लिए 2028 तक का समय दिए जाने की बात के बावजूद प्रमोशन प्रक्रिया में TET की शर्त शिक्षकों के लिए चिंता का विषय बनी हुई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस मुद्दे पर भी सरकार विचार करेगी। दूसरे राज्यों में यदि प्रमोशन को लेकर कोई समाधान निकलता है, तो छत्तीसगढ़ में भी उसका अध्ययन किया जाएगा।
वेतन विसंगति पर फेडरेशन ने सबसे पहले रखी मांग
बैठक में शिक्षकों की वेतन विसंगति का मुद्दा भी प्रमुखता से रखा गया। फेडरेशन के जिलाध्यक्ष अजय कुमार गुप्ता ने मुख्यमंत्री को बताया कि यह समस्या लंबे समय से शिक्षकों के बीच बनी हुई है।उन्होंने मुख्यमंत्री के सामने यह भी बात रखी कि वेतन विसंगति का मुद्दा सरकार की मोदी की गारंटी में शामिल रहा है। मुख्यमंत्री ने प्रतिनिधियों को बताया कि सरकार इस मांग से अवगत है। उन्होंने अधिकारियों के साथ चर्चा कर मामले को आगे बढ़ाने और समाधान की दिशा में कदम उठाने का आश्वासन दिया।
पहले भी हुई थी CM और शिक्षक प्रतिनिधि की बातचीत
TET के मुद्दे पर चर्चा के दौरान मुख्यमंत्री ने बताया कि उनकी पहले अजय कुमार गुप्ता से फोन पर बातचीत हुई थी। इसके बाद उन्होंने शिक्षा मंत्री को शिक्षक प्रतिनिधियों से चर्चा कर समस्या का रास्ता निकालने के निर्देश दिए थे। मुख्यमंत्री ने शिक्षा मंत्री के साथ शिक्षकों की हुई बैठक की जानकारी होने की बात भी कही और बताया कि सरकार TET से जुड़े विषय को गंभीरता से देख रही है।
करीब 10 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने रखी शिक्षकों की बात
सहायक शिक्षक समग्र शिक्षक फेडरेशन का प्रतिनिधिमंडल प्रांतीय संयोजक मनीष मिश्रा और जिलाध्यक्ष अजय कुमार गुप्ता के नेतृत्व में मुख्यमंत्री से मिलने पहुंचा था। करीब 10 पदाधिकारी इस प्रतिनिधिमंडल में शामिल थे। बैठक में शिक्षकों से जुड़े अलग-अलग मुद्दों पर मुख्यमंत्री के सामने पक्ष रखा गया और सरकार से ठोस पहल की मांग की गई।
शिक्षिकाओं ने बांधा रक्षा सूत्र
मुख्यमंत्री से मुलाकात के दौरान जशपुर से पहुंची शिक्षिकाओं ने उन्हें रक्षा सूत्र भी बांधा। इस दौरान मुख्यमंत्री ने शिक्षकों को भरोसा दिलाया कि वे अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करते रहें और सरकार उनके हितों का ध्यान रखेगी।
अब सरकार के अगले कदम पर टिकी नजर
देर रात हुई इस बैठक के बाद शिक्षकों को TET और वेतन विसंगति के मुद्दे पर सरकार की अगली कार्रवाई का इंतजार है। मुख्यमंत्री की ओर से नौकरी की सुरक्षा, TET परीक्षा और दूसरे राज्यों के विकल्पों पर दिए गए आश्वासन को शिक्षक संगठनों के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। हालांकि, इन मुद्दों पर अंतिम समाधान के लिए अब सरकार के औपचारिक निर्णय और विभागीय कार्रवाई का इंतजार रहेगा। खासकर वेतन विसंगति और प्रमोशन में TET की शर्त को लेकर शिक्षकों की नजर आगे होने वाली बैठकों पर रहेगी।





