रिसाली। छत्तीसगढ़ की लोक परंपरा और कृषि संस्कृति के प्रतीक भोजली पर्व का उल्लास आज रिसाली वार्ड 02, रुआबांधा बस्ती में देखने को मिला। लोधी समाज द्वारा आयोजित भोजली एवं मंचीय कार्यक्रम में दुर्ग ग्रामीण विधायक ललित चंद्राकर मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। कार्यक्रम स्थल पर ढोल-नगाड़े और भोजली गीतों की गूंज के बीच विधायक ने भोजली माता की विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर प्रदेश वासियों की सुख-समृद्धि, खुशहाली और किसान भाइयों के खेतों में अच्छी फसल की कामना की।
महिलाओं ने पारंपरिक वेशभूषा में भोजली कलश लेकर मंगल गीत गाए, जिसने पूरे माहौल को भक्तिमय बना दिया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि श्री चंद्राकर ने कहा कि भोजली केवल एक त्योहार नहीं है, यह हमारी मिट्टी, हमारी खेती और हमारे किसान भाई-बहनों की आस्था का प्रतीक है। भोजली माता के आशीर्वाद से ही हमारे खेत लहलहाते हैं और घर-आंगन में खुशहाली आती है। आज जब हम भोजली गीत गाते हैं तो लगता है जैसे प्रकृति खुद हमसे बात कर रही हो।
लोधी समाज हमेशा से मेहनत, संस्कार और सेवा का प्रतीक रहा है। आप लोग खेती-किसानी से लेकर समाज सेवा तक हर क्षेत्र में अग्रणी हैं। मैं आप सभी से आग्रह करता हूं कि अपनी संस्कृति और परंपराओं को इसी तरह जीवित रखें। जब हमारी संस्कृति जिंदा रहेगी, तभी हमारा समाज मजबूत बनेगा। कार्यक्रम में अतिथियों ने समाज के मेधावी बच्चों को प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया। कार्यक्रम में भोजली गीत, पारंपरिक नृत्य और भक्तिभाव का माहौल रहा। अंत में सामूहिक भोज का आयोजन भी किया गया।
इस अवसर पर रिसाली मंडल अध्यक्ष अनुपम साहू, मरोदा पुरैना मंडल अध्यक्ष राजू जंघेल, महामंत्री दशरथ साहू, पार्षद श्रीमती सारिका साहू, प्रेम साहू, समाज अध्यक्ष दानेश्वर जंघेल, हरी वर्मा, आकाश वर्मा, छनक वर्मा, महेश चंदेल, मकसूदन वर्मा, श्रीमती गुलापा बाई, श्रीमती संतोषी वर्मा, श्रीमती मोंगरा चंदेल, श्रीमती हेमिन वर्मा, श्रीमती संत बाई, श्रीमती सुखी लोधी, गजानंद लोधी, खूबीराम लोधी, धर्मेन्द्र लोधी, श्रीमती सुशीला लोधी, पुनीत यादव, अशोक यादव, केशव कोसरे, बाबूराम साहू सहित समाज के सैकड़ों नागरिक, माताएं-बहनें और युवा उपस्थित रहे।





