दुर्ग। गांधी नगर अण्डा एवं समस्त ग्रामवासियों के सहयोग से दो दिवसीय राज्य स्तरीय स्वर मानस गान सम्मेलन के शुभारम्भ अवसर पर मुख्य अतिथि पूर्व गृहमंत्री ताम्रध्वज साहू उपस्थित हुये।
उन्होंने रामायण के बारे में विस्तृत रूप बताया कि रामायण केवल एक धार्मिक ग्रंथ नहीं, बल्कि एक शाश्वत महाकाव्य है जो सत्य, त्याग, धर्म, और प्रेम के माध्यम से एक आदर्श जीवन जीने की कला सिखाता है। यह हमें रिश्तों में मर्यादा, विपरीत परिस्थितियों में धैर्य, कर्तव्यनिष्ठा और अहंकार के विनाश का संदेश देता है। राम, सीता, और हनुमान के चरित्र व्यक्तिगत और सामाजिक जीवन में नैतिकता का मार्गदर्शन करते हैं। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि तुलसीदास के रचित रामचरित मानस को पढ़कर अपने जीवन में उतारकर प्रसांगिक बनाए। उन्होंने आगे कहा कि मानस गान के माध्यम से भगवान राम के चरित्रों को अपने जीवन में उतारने का प्रयास किया जाना चाहिए।
इस अवसर पर डॉ जेडी चेलक, हेमेंद्र चन्द्रकार, तेजराम चौहान, राधेश्याम चन्द्रकार, खिलेन्द्र यादव,रुपेश विश्वकर्मा,बीरेंद्र साहू, दूर्वाशा चन्द्रकार, यशवंत चन्द्रकार, धर्मेंद्र ठाकुर, महेंद्र यादव,डी. पी चन्द्राकर, जयराम चन्द्राकर, डॉ. सुदामा चन्द्राकर, दीनदयाल साहू, चैत राम यादव, हलधर साहू, भानू चन्द्राकर, दाऊ प्रहलाद बन्द्राकर, थनवार चन्द्राकर, देवेन्द्र सिन्हा, पूर्णिमा चन्द्राकर, लक्ष्मीकांत चन्द्राकर, राधेश्याम चन्द्राकर, बी. एल. बघेल, किसुन नेताम, संजय चन्द्राकर, टीका चन्द्राकर, भूरु नेताम, फेकू धन्द्राकर, कृष्णा ठाकुर, बिसेलाल निर्मलकर, भरतलाल सिन्हा, चेतन साहू सहित आयोजन समिति बड़ी संख्या में मौजूद थे।





