दुर्ग। छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना रजत जयंती वर्ष 2025-26 के अंतर्गत शैलदेवी महाविद्यालय, अण्डा, दुर्ग में “रक्तदान एवं अंगदान महोत्सव” के उपलक्ष्य में रक्तदान एवं अंगदान जागरुकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई एवं स्वास्थ्य विभाग, जिला-दुर्ग के संयुक्त तत्वावधान में संपन्न हुआ।
कार्यक्रम में विशेषज्ञ चिकित्सकों में जी. आर. बुहारे, खंड विस्तार प्रशिक्षण अधिकारी, दुर्ग ने कहा कि एक स्वस्थ व्यक्ति ही रक्तदान कर सकता है। “रक्तदान महादान है, इससे न केवल किसी का जीवन बचाया जा सकता है, अपितु अंगदान के माध्यम से अनेक व्यक्तियों को नया जीवन प्रदान कर सकता है।” उन्होंने विद्यार्थियों एवं आम नागरिकों से अधिक से अधिक संख्या में आगे आकर इस पुनीत कार्य में सहभागी बनने का आह्वान किया। एस. आर. रंगारी, खंड विस्तार प्रशिक्षण अधिकारी, दुर्ग ने रक्तदान की महत्ता स्पष्ट करते हुए कहा कि रक्तदान करने से कमजोरी नहीं आती अपितु हृदयाघात आदि में कमी आती है आगे इसके नियमों, विधि तथा लाभ-हानि को दशति हुए कहा कि रक्तदान करने की आयु 18 वर्ष से 65 वर्ष है। जिसके लिए उन्होंने आधारभूत तकनीकी जानकारी रखने तथा स्वच्छता पर विशेष ध्यान देते हुए युवाओं को रक्तदान, अंगदान, नेत्रदान एवम् देहदान हेतु प्रेरित किया। इसी क्रम में मुकेश साहू ग्रामीण स्वास्थ्य संयोजक अंडा ने बताया कि वैवाहिक संबंधों को जोड़ने से पूर्व सिकलसेल सम्बन्धी सावधानी रखनी चाहिए, साथ ही साथ बालकों तथा बड़ों को भी कृमि रोग, फाइलेरिया, उच्च रक्तचाप एवं मधुमेह आदि रोगों से बचाव हेतु समय-समय पर जांच करवाने तथा स्वास्थ्य के प्रति जागरुक रहने को कहा।
तुलसीराम यादव ने अपने कथन में राज्य सरकार, केंद्र सरकार द्वारा प्रायोजित विभिन्न स्वास्थ्य योजनाओं तथा उनसे मिलने वाली सुविधाओं को सारगर्भित रूप में समझाया। इसी संदर्भ में प्राचार्य ने कहा- “युवा पीढ़ी में सेवा, सहयोग और त्याग की भावना जाग्रत करने के लिए ऐसे सामाजिक सरोकारों वाले कार्यक्रम आवश्यक हैं। शैलदेवी महाविद्यालय सदैव इस दिशा में सक्रिय भूमिका निभाता रहा है और आगे भी निभाता रहेगा।”राष्ट्रीय सेवा योजना के स्वयंसेवकों ने कार्यक्रम में सक्रिय भागीदारी निभाई। बड़ी संख्या में विद्यार्थियों, प्राध्यापकों ने रक्तदान एवम् अंगदान कार्यक्रम में उपस्थित होकर मानव सेवा का संदेश दिया। कार्यक्रम का संचालन शयाम सुंदर पटनायक तथा धन्यवाद ज्ञापन एनएसएस अधिकारी योगिता नशीने ने किया।





