उतई। शासकीय प्राथमिक शाला खोपली में ‘संकल्प एक प्रयास’ के माध्यम से विद्यार्थियों को स्वच्छता, व्यक्तिगत साफ–सफाई, हाथ धुलाई एवं अनुशासन के महत्व के बारे में जानकारी देकर जागरूक किया गया। इस पहल का उद्देश्य बच्चों में बचपन से ही स्वच्छता की आदत विकसित करना तथा उन्हें स्वस्थ, जागरूक एवं जिम्मेदार नागरिक बनाना है।
इस अवसर पर श्रीमती गौरी साहू के द्वारा बच्चों को बताया गया कि स्वस्थ जीवन के लिए स्वच्छता अत्यंत आवश्यक है। भोजन करने से पहले एवं शौचालय का उपयोग करने के बाद साबुन से अच्छी तरह हाथ धोना चाहिए। अपने नाखूनों को नियमित रूप से काटना, दाँतों की सफाई करना, प्रतिदिन स्नान करना, साफ कपड़े पहनना तथा अपने आसपास के वातावरण को स्वच्छ रखना अच्छी आदतों में शामिल है।
विद्यार्थियों को सुबह उठने से लेकर रात को सोने तक की दिनचर्या में स्वच्छता एवं अनुशासन अपनाने के लिए प्रेरित किया गया। समय पर उठना, नियमित रूप से विद्यालय आना, बड़ों का सम्मान करना, शिक्षकों की बात मानना, कक्षा एवं विद्यालय परिसर को साफ रखना तथा कचरे को निर्धारित स्थान पर डालना जैसे व्यवहारों को अपने दैनिक जीवन में शामिल करने की समझाइश दी गई।
शिक्षक गिरीश साहू ने बच्चों को बताया कि स्वच्छता केवल स्वयं तक सीमित नहीं होनी चाहिए, बल्कि अपने घर, विद्यालय, गाँव और आसपास के वातावरण को स्वच्छ रखना भी प्रत्येक व्यक्ति की जिम्मेदारी है। छोटी-छोटी अच्छी आदतें अपनाकर अनेक बीमारियों से बचा जा सकता है और समाज को स्वस्थ बनाया जा सकता है।
शिक्षक दीपक कुमार साहू ने कहा कि संकल्प एक प्रयास के इस पहल के माध्यम से विद्यार्थियों को स्वच्छता, स्वास्थ्य, समय की पाबंदी एवं अनुशासन का महत्व समझाते हुए इन आदतों को अपने जीवन का अभिन्न हिस्सा बनाने के लिए प्रेरित किया गया। इस प्रकार की गतिविधियाँ बच्चों में सकारात्मक सोच विकसित करने के साथ-साथ स्वच्छ विद्यालय, स्वस्थ समाज और जागरूक नागरिक निर्माण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं।
इस अवसर पर शाला के प्रधान पाठक कुमार साहू, संतोषी कश्यप, रामेश्वरी चंदेल, रोशनी चंद्राकर, दीपक साहू, गौरी साहू और शाला के सभी बच्चे उपस्थित थे।





