दंतेवाड़ा। छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा जिले में आय से अधिक संपत्ति के मामले में विशेष अदालत ने तत्कालीन जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) सुभाष गंजीर को दोषी ठहराया है। अदालत ने उन्हें चार वर्ष के सश्रम कारावास के साथ 10 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है।
यह मामला एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) और आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा (EOW) की कार्रवाई से जुड़ा है। जांच एजेंसियों को तत्कालीन DEO के पास उनकी ज्ञात आय के मुकाबले अधिक संपत्ति होने की शिकायत मिली थी। इसके बाद वर्ष 2017 में उनके ठिकानों पर छापेमारी की गई थी। जांच के दौरान एजेंसी ने करीब 8.71 लाख रुपये नकद, लगभग 500 ग्राम सोना और आभूषण बरामद किए थे। इसके अलावा करीब 40 संपत्तियों और तीन मकानों से संबंधित दस्तावेज भी जांच एजेंसी के हाथ लगे थे।
2018 में गिरफ्तार हुए थे गंजीर
जांच आगे बढ़ने के बाद ACB ने सुभाष गंजीर को वर्ष 2018 में गिरफ्तार किया था। इसके बाद मामला दंतेवाड़ा जिला एवं सत्र न्यायालय पहुंचा। प्रकरण में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धाराओं 13 और 13E के तहत सुनवाई शुरू हुई। मामले को CORRUPTION CASES/4/2018 — State Government Vs. Subhash Ganjir के रूप में दर्ज किया गया था।
ACB के साक्ष्यों को अदालत ने माना महत्वपूर्ण
विशेष अदालत में अभियोजन पक्ष की ओर से पेश किए गए दस्तावेजों, गवाहों और अन्य साक्ष्यों पर सुनवाई हुई। अदालत ने अभियोजन द्वारा प्रस्तुत साक्ष्यों को स्वीकार करते हुए सुभाष गंजीर को दोषी माना और चार साल के सश्रम कारावास तथा 10 हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई। अभियोजन की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता ममता शर्मा ने मामले में पैरवी की।
करीब 9 साल पुराने मामले में आया फैसला
गौरतलब है कि इस मामले की कार्रवाई वर्ष 2017 में छापेमारी से शुरू हुई थी और 2018 में गिरफ्तारी के बाद न्यायिक प्रक्रिया आगे बढ़ी। अब विशेष अदालत के फैसले के साथ आय से अधिक संपत्ति के इस मामले में आरोपी रहे तत्कालीन DEO सुभाष गंजीर को सजा सुनाई गई है।





