शिक्षक कभी सेवानिवृत्त नहीं होते… संगीता साहू
दुर्ग। स्वामी आत्मानंद शास. हिन्दी/अंग्रेजी माध्यम स्कूल अंजोरा ख दुर्ग में व्याख्याता होरी लाल चतुर्वेदी के सेवानिवृत्त पर बिदाई समारोह का आयोजन प्राचार्य संगीता साहू के उपस्थिति में शाला के सभागार में शनिवार को किया गया।
सर्वप्रथम पूजा अर्चना कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया तत्पश्चात सभी शिक्षक व विद्यार्थियों द्वारा होरी लाल चतुर्वेदी सर का पुष्प हार व टीका लगा कर स्वागत किया और उपहार, साल व मोमोन्टो देकर सम्मानित किया गया।
व्याख्याता होरी लाल चतुर्वेदी ने अपना अनुभव साझा किया शाला के 13 वर्ष के कार्यकाल के विषय में जानकारी देते हुए बताया कि यहां आकर बहुत कुछ सीखने मिला सभी स्टाफ व सभी विद्यार्थियों बहुत सहयोग किया इसलिए सभी धन्यवाद के पात्र हैं ।
इस अवसर पर व्याख्याता शिवनारायण देवांगन ने सर के साथ बिताए समय का जिक्र करते हुए कहा कि सर व्यवहारिक, सेवाभावी, कर्तव्यनिष्ठ व अनुशासन प्रिय है। जिससे हमें हमेशा प्रेरणा मिलता रहा नये जीवन की शुरुआत के लिए हार्दिक शुभकामनाएं।
प्राचार्य संगीता साहू ने इस अवसर पर अपने उद्बोधन में कहा कि चतुर्वेदी सर व्यवहारिक व अनुशासन प्रिय हैं। शिक्षक कभी भी सेवानिवृत्त नहीं होते, उनका कार्यक्षेत्र बदल जाता है। शिक्षा विभाग के बनाए नियम से सेवानिवृत्त होता है सर जी से आग्रह करते हैं कि जब भी समय हो शाला जरूर आया करे। इस अवसर पर हार्दिक शुभकामनाएं।
आभार प्रदर्शन करते हुए व्याख्याता शशिकला चन्द्रकार ने कहा कि चतुर्वेदी सर मिलनसार व समाज सेवी है हर के दुःख दर्द में साथ दिया है सेवानिवृत्त पर हार्दिक शुभकामनाएं।
कार्यक्रम का संचालन व्याख्याता सरस्वती श्रीवास्तव ने किया।
इस अवसर पर व्याख्याता गण शिवनारायण देवांगन, शशिकला चन्द्राकार, खुशबू जैमिनी, ममता देवांगन, सरस्वती श्रीवास्तव, ॳजुलता त्रिपाठी, मनोज कुमार गुप्ता, उमा राठौड़, शारदा साहू, भिनेश्वरी साहू, व्यायाम शिक्षक सुभाषिनी एलन, सहा. शिक्षक विज्ञान अभिलाषा साहू, मीना रावटे व आकाश दुबे ,भृत्य स्वाति शर्मा ,स्वीपर चमेली साहू, अंग्रेजी माध्यम से व्याख्याता गण प्रेरणा गौतम, योग प्रज्ञा साहू, दुष्यंत बंजारे, कार्तिकेश्वर राठौर, हिमागी साडिल्य, शिक्षक गण भावना क्षत्री, नोबल देवांगन, भावना देवांगन, सहा. शिक्षक आनंद दास, मोनिका चन्द्राकर, मेघा, दुर्गा ठाकुर, केसर पटेल, कम्प्यूटर टीचर भाविका साहू, ग्रंथपाल निधि साहू व यामिनी तथा शाला के सभी विद्यार्थियों ने सेवानिवृत्त पर शुभकामनाएं दी।





