दुर्ग। एकीकृत बाल विकास परियोजना दुर्ग ग्रामीण द्वारा जिला कार्यक्रम अधिकारी आर के जाम्बुलकर एवं जिला महिला बाल विकास अधिकारी अजय कुमार साहू के निर्देशानुसार प्रेरणा कक्ष दुर्ग में परियोजना स्तरीय विश्व स्तनपान सप्ताह का आयोजन किया गया। आयोजन में अधिकारीगण एवं कर्मचारीगण तथा महिला स्वसहायता समूह की महिलायें, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
कार्यक्रम की शुरुआत में दुर्ग ग्रामीण परियोजना अधिकारी श्रीमती उषा झा ने स्तनपान सप्ताह के बारे में कहा कि प्रतिवर्ष की भांति इस वर्ष भी 1 अगस्त से 7 अगस्त 2026 को सभी आंगनवाड़ी केंद्रों में स्तनपान सप्ताह का आयोजन किया जाएगा। विश्व स्तनपान सप्ताह में इस वर्ष का थीम “जीवन की सतत शुरुआत के लिए स्तनपान: कारगर उपायों को सुदृढ़ बढ़ाना” निर्धारित किया गया है। उन्होंने आगे बताया कि इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य समाज में स्तनपान के प्रति जागरूकता फैलाना और माताओं को समर्थन प्रदान करना है। विशेष रूप से प्रसव के बाद पहले 6 महीना के दौरान सहायता प्रदान करना,0-6 माह के शिशु के लिए स्तनपान की उपलब्धता बढ़ाना और शिशु और छोटे बच्चों के पोषण संबंधी परिणाम में सुधार के लिए महत्वपूर्ण है। पर्यवेक्षक प्रमिला वर्मा ने बताया कि मां का दूध केवल भोजन नहीं है यह पहला वैक्सीन है जो शिशु के मस्तिष्क को मजबूत बनाता है और उसे मानसिक व बौद्धिक रूप से विकसित करने के साथ संपूर्ण पोषण देता है।
कार्यक्रम में कम से कम दो साल तक स्तनपान और ऊपरी आहार पर भी चर्चा की गई।
कार्यक्रम के दौरान आईसीपीएस की टीम से चंद्रप्रकाश पटेल लोकमनी साहू सीता कन्नौजे की उपस्थिती रही इन्होंने दत्तक ग्रहण योजना स्पॉन्सरशिप योजना बाल विवाह मुक्त छत्तीसगढ़ पॉक्सो एक्ट आदि के बारे में जानकारी प्रदान की।





