उतई। प्रिज्म संस्थान के फार्मेसी विभाग के द्वारा वर्ल्ड फर्माशिस्ट डे फार्मेसी प्राचार्य सीमा कश्यप मैडम के मार्गदर्शन में फार्मा फैकल्टी खिलेंद्र कुमार ठाकुर, आकाश चन्द्वंशी और लक्ष्मीकांत साहू ने किया। जिसमे मुख्य अतिथि के रूप में संस्था प्रमुख श्री रूपेश कुमार गुप्ता तथा अतिथि के रूप डायरेक्टर श्रीमती ख्याति साहू , श्री असीम साहू और प्राचार्य डॉ अंजना शरद उपस्थित थी।
कार्यक्रम का आरंभ सरस्वती वंदना से हुआ। तत्पश्चात उपस्थित अतिथियों का स्वागत तुलसी प्लांट पॉट देकर किया गया। इस अवसर पर प्रिज्म संस्था प्रमुख श्री रूपेश सर ने उपस्थिति सभी विद्यार्थियों का स्वागत संबोधन करते हुए बताया कि, वर्ल्ड फार्मशिट डे महादेव लाल श्रॉफ के सम्मान में मनाया जाता है जिन्हे फार्मशिट का जनक कहा जाता हैं।चेयरमैन सर ने बताया कि फर्माशिट का महत्व हमे कोविड – 19 के समय समझ में आया कि, किस तरह ये मानव जीवन की रक्षा करते हैं और एलोपैथी,होम्योपैथी, आयुर्वेद और नचरोपैथी सभी में फार्मशिट का महत्वपूर्ण योगदान है साथ ही उन्होंने ने चरक संहिता से लेकर धनवंतरी चिकित्सा तक फार्मशिट के योगदान को बताया और प्रिज्म संस्था के हर्बल गार्डन से भी अवगत कराया। तत्पश्चात संस्था की डायरेक्टर श्रीमती ख्याति साहू ने अपने संबोधन में सभी विद्यार्थियों का स्वागत किया और अपने संबोधन में उन्होंने बताया कि, फार्मासिस्टों की भूमिका सिर्फ दवाएं बेचने तक सीमित नहीं है, बल्कि वे मरीजों को उनकी सेहत के बारे में सलाह देते हैं और उनकी सेहत की रक्षा करते हैं।और यदि आप केवल बीमार व्यक्ति की समस्या को सावधानी से सुन भी लेते है तो उनकी आधी बीमार ऐसे ही ठीक हो जाती है। तत्पश्चात संस्था के निर्देशक श्री असीम साहू सर ने अपने संबोधन में सभी विद्यार्थियों को यह आश्वासन दिलाया की डिप्लोमा इन फार्मेसी के इन दो सालों में यदि उन्हें किसी भी प्रकार की समस्या आती है, तो वे बिना किसी संकोच के सर से किसी भी समय मिल सकते है और एक मार्गदर्शक, या बड़े भाई की तरह उनकी समस्या का समाधान किया जाएगा। इसी कड़ी में असीम सर ने कहा कि, नचरोपैथी हमारे प्रिज्म के हरे भरे प्रांगण में ही उपलब्ध है। और प्रोत्साहन पूर्ण संबोधन में उन्होंने स्टूडेंट को बताया कि अध्ययन इस प्रकार करो की जब आप स्वयं का व्यवसाय करे , तो लोग उन्हें प्रिज्म के विधार्थी के रूप में जाने। प्रिज्म संस्था के एजुकेशन विभाग की प्राचार्य डॉ अंजना मैडम ने अपने भाषण में सभी का विद्यार्थियों का स्वागत और मंचस्थ सभी गणमान अतिथियों का अभिवादन किया और बताया कि जिस प्रकार साल्ट और कैमिकल के कॉम्बिनेशन से मेडिसिन बनाया जाता है उसी प्रकार, आज के इस कार्यक्रम में वर्ल्ड फार्मासिस्ट और स्वस्थ के कॉम्बिनेशन देखने को मिल रहा है। अंजना मैडम ने मैग्नेटो थेरेपी के बारे में भी बताया। संबोधन की इस कड़ी में फार्मा विभाग की प्राचार्य श्रीमती सीमा कश्यप मैडम ने सभी विद्यार्थियों को विस्तार पूर्वक दो साल की एकेडमिक और नॉन एकेडमिक गतिविधियों को पीपीटी प्रेजेंटेशन के माध्यम से अवगत कराया तथा वर्ल्ड फार्मासिस्ट डे के अवसर पर विद्यार्थियों को सपथ दिलाई और साथ ही उन्होंने बताया कि डॉक्टर के प्रिस्क्रिप्शन से लेकर पसेंट के ट्रीटमेंट तक की बीच की कड़ी फार्मासिस्ट है। तत्पचात् छात्रों द्वारा स्वास्थ जागरूकता पर आधारित एक पोस्टर कम्पटीशन एव क्विज कम्पटीशन भी रखा गया जिसमे विद्यार्थियों ने दवाइयो के सुरक्षित उपयोग और जन-स्वास्थ से जुड़े विषयों पर जानकारी प्रस्तुत की और विजेताओं को सम्मानित किया गया । वृक्षरोपण अभियान आयोजित किया, जिसके अंतर्गत आतिथियों एव छात्रों ने मिलकर परिसर में पौधारोपण किया और और पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया ।
इसके बाद ही छात्रों द्वारा कार्यक्रम का समापन स्वल्पाहार और स्टूडेंट फीडबैक के द्वारा किया गया। संपूर्ण कार्यक्रम का संचालन फार्मेसी विभाग की फैकल्टी आकाश चंद्रवंशी ने किया।
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