उतई। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी दुर्ग में संविदा पर कार्यरत महिला स्वास्थ्य कार्यकर्ता ससुराल वालों के जुल्म का शिकार हो गई।ससुराल पहुंची पीड़िता को उसके ससुराल वालों ने उसका घर में कोई अधिकार नहीं है कहते हुए मारपीट की और घर से निकाल दिया। पीड़िता की शिकायत पर उतई पुलिस पीड़िता के पति, सास एवं डेढ़ सास के उपर अपराध दर्ज कर जांच में लिया है।
पुलिस ने बताया कि पीड़िता महिला स्वास्थ्य कार्यकर्ता के पद पर कार्यरत है। उसकी शादी वर्ष 2003 में प्रमोद चंद्राकर के साथ सामाजिक रीति रिवाज से हुई थी। उनकी एक 20 वर्ष की बेटी भी है। उसके पति प्रमोद चंद्राकर का निधन वर्ष 2013 में हुआ था।इसके बाद उसकी जान पहचान वर्ष 2017 में जितेंद्र चंद्राकर से हुई और उनके परिवार की सहमति से गायत्री मंदिर गंज पारा दुर्ग में शादी हुई थी, जिनकी ओर से एक बेटा है। उसका पति जितेंद्र चंद्राकर काफी कर्ज में डूबा हुआ है जिसके चलते पिछले 6 माह से पैसे मांग मांग कर प्रताड़ित करता है। इसी बात को लेकर उसकी सास रुक्मणी चंद्राकर और डेढ़ सास रितु चंद्राकर भी उसका साथ देते हुए प्रताड़ित करने लगे थे। 28 नवंबर की सुबह 10:00 बजे वह अपने पति जितेन्द्र चंद्राकर के घर बजरंग नगर वार्ड नंबर 15 उतई गई तो उसके पति, सास एवं डेढ़ सास ने कहा कि तुम घर पर क्यों आई हो तुम्हारा इस घर में कोई अधिकार नहीं है। जब उसने कहा कि वह आती रहेगी और उसका इस घर पर भी अधिकार है। यह सुनकर उसके पति जितेन्द्र चंद्राकर, उनकी मां रुक्मणी चंद्राकर एवं डेढ़ सास रितु चंद्राकर ने गाली गलौज करते हुए हाथ मुक्के से मारपीट की और जान से मारने की धमकी भी दी। पुलिस मामले की जांच कर रही है।





