श्रीमद् भागवत कथा में श्रीकृष्ण जन्म पर झूम उठे श्रद्धालू
नंद के आनंद भयो जय कन्हैया लाल की के जयघोष से गूंज उठा पांडाल
उतई। पूर्व गृहमंत्री ताम्रध्वज साहू की धर्मपत्नी श्रीमती स्व.कमला देवी साहू की पुण्य स्मृति में ग्राम पाऊवारा में आयोजित श्रीमद् भागवत कथा में श्रीकृष्ण जन्म का भव्य आयोजन किया गया। कथा के पांचवे दिन कथा वाचक संत श्री निरंजन महाराज ने भगवान श्री कृष्ण अवतार की कथा का विस्तृत वर्णन करते हुये श्रोताओं को आनंदित किया। उन्होंने कहा कि
ईश्वर के संकल्प सृष्टि का सृजन पालन संहार होता है। भगवान के नेत्र खोलने पर मुस्कुराने पर प्रलय और आंख टेढ़ी कर देने पर संहार हो जाता है। मानव मात्र को कर्तव्य कर्म मे प्रेरित करने अकर्ता ईश्वर हमें कार्य करते हुए दिखाई देते हैं। आत्मा राम अनुभूति का विषय है निर्गुण ब्रह्म सगुन रूप में लीला करते है आत्म तत्व के लिए स्वयं पर स्वयं की कृपा होना आवश्यक है।
सच्चिदानंद भगवान को जानने के लिए गुरुओं सन्तो के सरणों में लोट कर पद-रज से स्वयं को आनन्दित करें। भगवान राम मर्यादा पुरुषोत्तम कहलायें और श्री कृष्ण के रूप में सर्वत्र प्रेम बाँटे। जंगलो में घुमते हुए बनवासी राम भोले -भाले आदिवासीयो को, पिछड़ो को गले लगाकर समाज के मूल धारा से जोड़े। वही योगीराज भगवान कृष्ण गोरक्षा प्रकृति संवर्धन, संगठन,स्वास्थ्य, सात्विक भोजन, निर्भीकता, सहजता धैर्य, साहस, स्नेह जैसी मानवीय मूल्यों को स्थापित कर संसार को पीड़ा देने वाले दैत्यों’ का संहार किये।
द्वारीकाधीश के रूप में भगवान श्री कृष्ण कला संस्कृति का पोषण करते हुए कुशल प्रज्ञा पालन किये। कर्तव्य पथ में असहाय बने अर्जुन को युध्द कि किए प्रेरित कर कुशल युध्द संचालक बनकर गीला-ज्ञान भक्ति और वैराग्य को संदेशवाहक बने।भगवान के इन दिब्य लीलाओ का स्मरण करते हुए दुःख दर्द भरे इस दुनिया में जीवन का बाग सजाना है। पल भर सत्संग कथा हरि का सबसे अनमोल खजाना है। जीवन को उत्सव बनाकर सम्पूर्ण जीवन को प्रेम और आनंद पूर्वक व्यतित करते, नित्य हम भगवान श्री कृष्ण के संदेश को आत्मसात कर धन्य बनें। जैसे ही कथा में वासुदेव जी नवजात श्रीकृष्ण जी को लेकर कथा स्थल पर पहुंचे तो श्रद्धालु झूम उठे। श्रद्धालुओं नंद के आनंद भयो जय कन्हैया लाल की के जयघोष से पांडाल गूंज उठा। इस मौके पर श्रीकृष्ण जन्म की खुशी में बधाई गाई गई और प्रसाद वितरित किया गया।
इस अवसर पर पूर्व विधायक बालोद प्रीतम साहू, पूर्व विधायक साजा लाभचंद बाफना, हस्तशिल्प बोर्ड के पूर्व अध्यक्ष दीपक साहू, जिला अध्यक्ष साहू समाज नंदलाल साहू, कृष्णा साहू, मंजु साहू, रमेश साहू, सेवादल धमतरी अध्यक्ष होरिलाल साहू, तुलसी साहू, राष्ट्रीय महासचिव लक्ष्मी गुप्ता, हलधर साहू,कलाम, प्रभात धुर्वे,सरस्वती चंद्रकार,युगल पांडे, अखिलेश तिवारी,महेश दुबे, नवीन ताम्रकार,ईश्वर सोनी, राजेन्द्र ठाकुर, दीपिका चन्द्रकार, भीषम हिरवानी, रत्ना नारमदेव, झमित गायकवाड़, सनीर साहू, रिवेन्द्र यादव, तारकेश्वर चन्द्रकार, घसिया देशमुख, बाबूलाल देशमुख, भुनेश्वरी ठाकुर, रुपेश देशमुख, मुकेश साहू, देवा साहू, गोपाल साहू, डालेश साहू, नोहर साहू सहित हजारों की संख्या में श्रोता समाज एवं समस्त आयोजन कर्ता व समस्त ग्रामवासी पाऊवारा बड़ी संख्या में उपस्थित थे।





