उतई। केंद्रीय विद्यालय, सी.आई.एस.एफ. उतई भिलाई में गणतंत्र दिवस का पर्व अत्यंत हर्षोल्लास एवं गरिमामयी वातावरण में मनाया गया। इस समारोह के मुख्य अतिथि सम्मानीया भुबनेश्वरी, प्राचार्य, केंद्रीय विद्यालय सी.आई.एस.एफ. भिलाई थीं।
कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि महोदया द्वारा ध्वजारोहण एवं राष्ट्रगान के साथ हुआ। इसके पश्चात विद्यालय के विद्यार्थियों ने हिंदी एवं अंग्रेजी भाषण, समूह गान, समूह नृत्य तथा अन्य रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों की आकर्षक प्रस्तुतियाँ दीं। इसके बाद मुख्य अतिथि महोदया ने बच्चों को संबोधित करते हुए विद्यार्थियों को संविधान के मूल्यों का पालन करने तथा राष्ट्र के प्रति अपने कर्तव्यों के निर्वहन के लिए प्रेरित की। और कहा कि आज हम सभी भारत के पावन गणतंत्र दिवस के अवसर पर यहाँ एकत्रित हुए हैं। यह दिन हमारे देश के इतिहास में अत्यंत महत्वपूर्ण है क्योंकि 26 जनवरी 1950 को भारत में भारतीय संविधान लागू हुआ और हमारा देश एक संप्रभु, समाजवादी, धर्मनिरपेक्ष तथा लोकतांत्रिक गणराज्य बना।
भारतीय संविधान विश्व का सबसे बड़ा लिखित संविधान है। यह हमें न्याय, स्वतंत्रता, समानता और बंधुत्व का अधिकार प्रदान करता है। साथ ही यह हमें यह भी सिखाता है कि अधिकारों के साथ-साथ कर्तव्यों का पालन करना भी उतना ही आवश्यक है। जैसा कि कहा गया है, संविधान केवल नियमों का संग्रह नहीं, यह राष्ट्र की आत्मा और नागरिकों का विश्वास है। समारोह में मंच संचालन अनिल कुमार शर्मा और निधि केरकेट्टा ने की।
इस अवसर पर विद्यालय के अभिभावक गण, सभी शिक्षक-शिक्षिकाएँ- जिनमें रूना चौधरी, गीतू, सोमा शील गुहा, सृजन , सुनीता गावांडे , शैलेश बेंजामिन, ए. बी सिंह, डॉ. पंकज शुक्ला, रीना साहू, उमेश कुमार संत, डी ए गिरिया, माधुरी, आशीष, आंचल सिंह, मयंक कुमार मिश्रा, कल्पना शर्मा, सीमा विश्वकर्मा, राजन शर्मा, जानकी सिन्हा, ममता साहू, चंद्रकांत साहू उपस्थित थे।
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