5 किलोमीटर दूर मैदान में किया नियमित अभ्यास, मेहनत और लगन से पाई सफलता
दुर्ग। “अभ्यास ही गुरु है” इस सिद्धांत को साकार करते हुए ग्राम रिसामा के भाई-बहन खोमलाल पटेल और गुणेश्वरी पटेल ने छत्तीसगढ़ पुलिस बल में चयनित होकर पूरे गांव, परिवार और क्षेत्र का नाम रोशन किया है। दोनों की यह उपलब्धि न केवल उनके परिवार के लिए गर्व का विषय है, बल्कि ग्रामीण अंचल के युवाओं के लिए भी एक प्रेरणादायक उदाहरण बन गई है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, खोमलाल पटेल ने वर्ष 2012 में तथा उनकी बहन गुणेश्वरी पटेल ने वर्ष 2016 में शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, मतवारी से कक्षा 12वीं उत्तीर्ण की। इसके बाद दोनों ने पुलिस भर्ती की तैयारी शुरू की और शारीरिक दक्षता के लिए गांव से लगभग 5 किलोमीटर दूर मैदान में जाकर नियमित रूप से अभ्यास करते रहे।
उनकी कड़ी मेहनत और अनुशासन का परिणाम यह रहा कि पहले खोमलाल पटेल का चयन वर्ष 2016 में छत्तीसगढ़ पुलिस में जिला कांकेर के लिए हुआ। वर्तमान में वे चारामा में पदस्थ होकर अपनी सेवाएं दे रहे हैं।
भाई की सफलता से प्रेरणा लेकर बहन गुणेश्वरी पटेल ने भी निरंतर मेहनत, धैर्य और लगन के साथ अपने लक्ष्य की ओर कदम बढ़ाए। उनका यह सतत प्रयास आखिरकार सफल हुआ और अब उनका चयन भी बालोद जिला पुलिस बल के लिए हो चुका है।
इन दोनों भाई-बहन की सफलता इसलिए और भी विशेष मानी जा रही है, क्योंकि ग्राम रिसामा में खेल मैदान की कमी के बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी और दूर जाकर लगातार अभ्यास करते हुए अपने सपनों को साकार किया।
यह उपलब्धि माता मीना पटेल और पिता डोमन पटेल के लिए अत्यंत गर्व का विषय है कि आज उनके दोनों बच्चे छत्तीसगढ़ पुलिस बल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं।
इस अवसर पर ग्राम पंचायत रिसामा के सरपंच, उपसरपंच, समस्त पंचगण, ग्रामवासी, तथा शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय मतवारी के प्राचार्य एवं समस्त शिक्षक-शिक्षिकाओं ने खोमलाल पटेल और गुणेश्वरी पटेल को इस शानदार सफलता पर हार्दिक बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है।
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