उतई।”पोषण माह 2025 का शुभारंभ” के तहत प्रिज्म स्कूल ऑफ एजुकेशन के द्वारा महकाखुर्द गांव के प्रायमरी स्कूल में पोषण माह के अवसर पर प्रायमरी स्कूल के बच्चों और उनके अभिभावकों को पोषण से संबंधित जानकारी दी गई। इस वर्ष की थीम “शिशु एवं छोटे बच्चों का उचित आहार – स्वस्थ भारत की आधारशिला” रखी गई हैं।
जिसको ध्यान में रखते हुए प्रिज्म स्कूल ऑफ एजुकेशन के प्राचार्य महोदया डॉ अंजना ने अपने उद्बोधन में बताया कि बच्चों के पहले हजार दिन उनके संपूर्ण शारीरिक एवं मानसिक विकास के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण होते हैं। उचित आहार से न केवल बच्चों की रोग-प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है बल्कि कुपोषण की समस्या को भी कम किया जा सकता है और स्वास्थ्य आहार से कई सारी बीमारियों से बचा जा सकता है। स्कूल के परमेश्वर टंडन सर ने विद्यार्थियों को फास्ट फूड खाने के नुकसान और न खान के निर्देश दिए । प्राध्यापक लीना वैष्णव मैडम ने अपने उद्बोधन में कहा कि शिक्षा स्वस्थ जीवन के लिए ज़रूरी कौशल प्रदान करती है और स्वास्थ्य शिक्षा के परिणामों को प्रभावित करता है पर जानकारी दी।“एक पेड़ मां के नाम” पर प्राध्यापक रेखा नाम देव ने विद्यालय में पर्यावरण के सुरक्षा और उचित रख रखाव के बारे में बताया कि सुरक्षित पर्यावरण से ही हम सुरक्षित रह सकते है। साथ ही स्कूल के बच्चों को स्कूल परिसर में खेल-कूदऔर “एक पेड़ मां के नाम” के तहत पौधे भी लगवाया गया। महाविद्यालय के डायरेक्टर ख्याति मैडम के द्वारा बच्चों के स्वास्थ्य और पोषण को ध्यान में रखते हुए विविध प्रकार के फल और लेखन सामग्री का भी वितरण करवाया। इस कार्यक्रम में स्कूल की शिक्षिका विमला साहू मैडम तथा प्रिज्म कॉलेज के प्राध्यापक मीनाक्षी देवी, सुषमा साहू, उपस्थित रही। बीएड के विद्यार्थी मोनिका, अंजलि साहू, चम्पेश्वरी ,शोभा, ममता साहू सभी का महत्त्वपूर्ण योगदान रहा।





