दुर्ग। चार सौ के.वी. ट्रांसमिशन लाइन परियोजना से प्रभावित किसानों का एक प्रतिनिधि मंडल आज सम्भाग आयुक्त दुर्ग से मिला। किसानों ने शासनादेशानुसार 200% एवं 30% मुआवज़ा अब तक नहीं मिलने पर अपनी गहरी नाराज़गी व्यक्त की और तत्काल हस्तक्षेप की मांग रखी।
किसानों ने बताया कि ग्राम नगपुरा के किसानों को एसडीएम कार्यालय द्वारा मुआवज़ा पत्रक जारी किया गया था, जिसमें 200% व 30% की दर से डाटा जनरेट कर नामों की जाँच एवं सुधार हेतु उपलब्ध कराया गया। इसके बावजूद वास्तविक भुगतान आज तक नहीं किया गया है।इस अवसर पर सम्भाग आयुक्त ने किसानों को आश्वासन दिया कि उनकी समस्याओं का समाधान करने का पूरा प्रयास किया जाएगा तथा संबंधित विभागों से रिपोर्ट लेकर शीघ्र निर्णय लिया जाएगा। किसानों की प्रमुख मांगें है की शासनादेशानुसार टावर बेस हेतु 200% तथा राइट ऑफ वे (ROW) भूमि पर 30% मुआवज़ा तत्काल प्रदान किया जाए। प्रभावित किसानों की समस्या के निराकरण हेतु एक विशेष बैठक शीघ्र आयोजित की जाए। बैठक में विद्युत विभाग, राजस्व विभाग एवं अन्य संबंधित अधिकारियों की उपस्थिति अनिवार्य की जाए। मुआवज़ा भुगतान हेतु स्पष्ट एवं बाध्यकारी समय-सीमा तय की जाए। जिला कलेक्टर दुर्ग एवं संबंधित अधिकारियों की लापरवाही पर विभागीय कार्यवाही की जाए। प्रभावित किसानों की प्रतिनिधि मंडल की ओर से गोपाल देशमुख, छगन देशमुख (भेड़सर), गैदु देशमुख (नगपुरा), कन्हैया यादव, गजानंद (टोला), कोमल धनकर, रूपेन्द्र रिगंरी (नगपुरा), गजेन्द्र कुमार, हुमेन्द साहू (कातरों मातरो), द्वारिका साहू (पाऊवारा) सहित लगभग आधा सैकड़ा किसान उपस्थित रहे। किसान नेता एवं जनपद सदस्य ढालेश साहू ने कहा कि “प्रशासन की लापरवाही से किसान आज भी मुआवज़ा पाने को तरस रहे हैं। यदि शीघ्र ठोस कार्यवाही नहीं हुई तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। हमें भरोसा है कि हमारी न्याय व्यवस्था पर, हमारे साथ अन्याय नहीं होगा और किसानों को उनका हक अवश्य मिलेगा।”
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