भिलाई। दुर्ग जिला पंचायत की सामान्य सभा के दौरान सभापति श्रद्धा पुरेंद्र साहू ने जिले में बीएलओ कार्य को शिक्षकों की जगह बेरोजगार युवाओं से कराने की मांग की। जिसका समर्थन जिला पंचायत की सामान्य सभा में उपस्थित बाकी सदस्यों ने भी किया। जिंप. सदस्य श्रद्धा का कहना था कि शिक्षकों से बीएलओ कार्य कराए जाने से स्कूलों में पढ़ाई प्रभावित होती है।युक्तियुक्तकरण के बाद वैसे भी सरकारी स्कूलों में सीमित टीचर्स बचे हैं। ऐसे में बीएलओ कार्य शिक्षकों को दिया जाता है तो बच्चों की पढ़ाई में दिक्कत होती है। टीचर्स अपना पूरा समय इसी कार्य में निकाल देते हैं। जिससे बच्चे पढ़ाई से वंचित रह जाते हैं। इसका असर स्कूली बच्चों के रिजल्ट में साफ-साफ दिखाई देता है।
बेरोजगार युवाओं को कार्य देने सौंपा ज्ञापन
जिपं. सदस्य श्रद्धा पुरेंद्र साहू ने बीएलओ कार्य शिक्षकों की जगह बेरोजगार युवाओं से कराए जाने के लिए दुर्ग कलेक्टर अभिजीत सिंह को ज्ञापन सौंपा है। उनका कहना है कि यदि बीएलओ कार्य बेरोजगार युवाओं को दिया जाएगा तो टीचर्स का काम हल्का हो जाएगा। स्कूलों में पढ़ाई प्रभावित नहीं होगी। बेरोजगार युवाओं को कुछ समय के लिए आंशिक रोजगार मिल जाएगा। जिससे उनका आर्थिक स्तर सुधर जाएगा। टीचर्स को वैसे भी बीएलओ कार्य के लिए अतिरिक्त भुगतान किया जाता है, अगर यही भुगतान मितानिन, स्व -सहायता समूह की बहनों या बेरोजगार युवाओं को किया जाए तो उन्हें एक अवसर मिलेगा। कलेक्टर ने इस मांग पर विचार करने की बात कही है।





