फेडरेशन ने सर्वसम्मति से निश्चितकालीन आंदोलन करने का लिया निर्णय, कोर कमेटी को आंदोलन की रूपरेखा तैयार करने की दी गई जिम्मेदारी
रायपुर। छत्तीसगढ़ कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन के आह्वान पर दीपावली मिलन एवं पदाधिकारी सम्मेलन का भव्य आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में प्रदेशभर के विभिन्न कर्मचारी संगठनों के नेता बड़ी संख्या में शामिल हुए। कार्यक्रम के दौरान फेडरेशन द्वारा कर्मचारियों की 11 सूत्रीय मांगों को लेकर आगामी निश्चितकालीन आंदोलन की रूपरेखा पर विस्तृत चर्चा की गई। निर्णय लिया गया कि आंदोलन की अंतिम रणनीति फेडरेशन की कोर कमेटी की बैठक में तय की जाएगी।
समारोह के दौरान छत्तीसगढ़ कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन पेंशनर्स फोरम के प्रदेश संयोजक बी. पी. शर्मा ने पेंशनरों की ज्वलंत समस्याओं पर प्रकाश डालते हुए पेंशनरों के हित में लिए गए निर्णयों से अवगत कराया। इसमें प्रदेश में पेंशनर्स सेल की स्थापना तथा 80 वर्ष की आयु के उपरांत पेंशनरों के वेतन निर्धारण से संबंधित निर्णय प्रमुख हैं। उन्होंने पेंशनरों के लिए कैशलेस सुविधा एवं धारा 49(6) के स्थायी समाधान हेतु केंद्र सरकार से पहल करने की आवश्यकता पर भी बल दिया।इस अवसर पर प्रदेश संयोजक कमल वर्मा ने उपस्थित सभी पदाधिकारियों एवं कर्मचारियों को दीपावली की शुभकामनाएं दीं तथा फेडरेशन के अब तक के संघर्षों से सभी को अवगत कराया। उन्होंने कहा कि प्रदेश के कर्मचारियों को अपने अधिकारों की रक्षा और सम्मान के लिए एकजुट होकर संघर्षरत रहना होगा।प्रांतीय संरक्षक सुभाष मिश्रा ने आयोजन की सराहना करते हुए कहा कि विभिन्न संगठनों के प्रांतीय अध्यक्षों का एक मंच पर आना समय की मांग है। उन्होंने प्रदेश के कर्मचारियों द्वारा फेडरेशन में जताए गए अटूट विश्वास की प्रशंसा की और सभी संगठनों से फेडरेशन के साथ जुड़ने की अपील की।
फेडरेशन की प्रमुख मांगों में शामिल हैं:
(1) केंद्र सरकार के समान कर्मचारियों एवं पेंशनरों को देय तिथि से महंगाई भत्ता (DA) लागू किया जाए।
(2) DA एरियर्स की राशि कर्मचारियों के GPF खाते में समायोजित की जाए।
(3) सभी कर्मचारियों को चार स्तरीय समयमान वेतनमान दिया जाए।
(4) लिपिकों, शिक्षकों, स्वास्थ्य विभाग, महिला बाल विकास विभाग सहित विभिन्न संवर्गों की वेतन विसंगतियों को दूर करने पिंगुआ कमेटी की रिपोर्ट सार्वजनिक किया जाए।
(5) प्रथम नियुक्ति तिथि से सेवा गणना करते हुए संपूर्ण सेवा लाभ दिया जाए।पंचायत सचिवों का शासकीयकरण किया जाए।
(6) सहायक शिक्षकों एवं सहायक पशु चिकित्सा अधिकारियों को तृतीय समयमान वेतनमान दिया जाए।नगरीय निकाय के कर्मचारियों को नियमित मासिक वेतन एवं समयबद्ध पदोन्नति दिया जाए।
(7) अनुकंपा नियुक्ति नियमों में 10 प्रतिशत सीलिंग में शिथिलीकरण की जाए।
(8) प्रदेश में कैशलेश सुविधा लागू की जाए।
(9) अर्जित अवकाश नगदीकरण 300 दिवस की जाए।
(10) दैनिक,अनियमित,संविदा कर्मचारियों को नियमित करने की ठोस नीति बने।
(11) सभी विभागों में समानता लाते हुए सेवानिवृत्त आयु 65 वर्ष की जावे।
फेडरेशन ने स्पष्ट किया है कि यदि शासन द्वारा इन 11 सूत्रीय मांगों पर शीघ्र निर्णय नहीं लिया गया, तो संगठन निश्चितकालीन आंदोलन प्रारंभ करेगा। आयोजन के दौरान चंद्रशेखर तिवारी, राजेश चटर्जी,श्री अनिल शुक्ला, श्री रोहित तिवारी, आर के रिछारिया,श्री ओ पी शर्मा, श्री पंकज पांडेय, श्री पवन शर्मा, संजय सिंह, जी आर चंद्रा, लिखेश वर्मा, राकेश शर्मा, कैलाश चौहान, केदार जैन, मनीष मिश्रा, चेतन भारती, प्रदीप वर्मा, डॉ अशोक पटेल, भूपेंद्र पांडे,श्री रविन्द्र राठौर, अजीत दुबे, सत्येंद्र देवांगन, कैलाश चौहान, आलोक नागपुरे, टारजन गुप्ता, मनोज सही,श्री गजेंद्र श्रीवास्तव,श्री उमेश मुदलियार, विजय झा, जय कुमार साहू, श्पीताम्बर पटेल, संतोष कुमार वर्मा, जितेंद्र साव, सुरेश यादव, रवि गढ़पाले, सुनील नायक राजीव वर्मा , डॉ अमित मिरी, राधेलाल भारद्वाज, डॉ आर एस सिंह, युवराज सिंह ठाकुर, प्रखर सिंह, डॉ बी पी सोनी, डॉ एल इस ध्रुव, ओ पी माहला, योगेश चावरे, श्री फकीरा यादव, अर्जुन चंद्रवंशी, शिवराज सिंह, संजय शर्मा, निर्मल शार्दुल, जागेश्वर भट्ट , मुक्तेश्वर देवांगन, अवधराम वर्मा, आलोक मिश्रा। जी आर क्षत्री, मुन्ना लाल निर्मलकर, श्रीमती ऋतु परिहार, योगेश ठाकुर, किशोर शर्मा,डॉ अविनाश लाल, संजीत शर्मा,श्री देवाशीष दास,श्री तिलक यादव,श्री विजय लहरे श्रीमती रीना राजपूत , ओमप्रकाश बघेल, चंदूलाल चंद्राकर, प्रताप चंद्रवंशी, आलोक जाधव, एम आर खान,श्री सी एल दुबे, मो इकबाल अंसारी, बी आर साहू, अनिल वर्मा, भगतराम धृतलहरे, रोशन वर्मा, कौशल वर्मा। डी एल वर्मा श्री युगल वर्मा, पूषण साहू, श्रीमती सोनाली तिड़के, देवाशीष दास, लोकेश वर्मा सहित भारी संख्या में विभिन्न संगठनों के पदाधिकारी एवं जिला संयोजकगण उपस्थित रहे। “





