तीजनाहवन के अवसर पर परिजनों ने मुक्तिधाम में किया पौधरोपण
उतई। समीपस्थ ग्राम कोकड़ी में स्व. मुरली निषाद की स्मृति में आयोजित तीजनाहवन कार्यक्रम के अवसर पर परिजनों ने पर्यावरण संरक्षण की दिशा में सराहनीय पहल की। पर्यावरण प्रेमी लतखोर निषाद के मार्गदर्शन एवं प्रेरणा से परिजनों ने गांव के मुक्तिधाम में पीपल के पौधे का रोपण किया। इस पहल के माध्यम से दिवंगत आत्मा को श्रद्धांजलि अर्पित करने के साथ ही प्रकृति के संरक्षण और संवर्धन का संदेश भी दिया गया। इस दौरान विकसित भारत जीरामजी के तरह कार्य कर रहे ग्रामीण महिलाओं के माध्यम से भी पौधरोपण कराया गया।
पौधरोपण के दौरान शैलेन्द्र निषाद, मोहन निषाद, भावेंद्र निषाद, जतिन निषाद, बंशी निषाद एवं मिथलेश निषाद उपस्थित रहे। परिजनों ने पौधे की देखभाल करने और उसे वृक्ष के रूप में विकसित करने का संकल्प लिया।
पर्यावरण प्रेमी लतखोर निषाद ने प्रेरित करते हुए कहा कि हमारे प्रियजन भले ही हमारे बीच न रहें, लेकिन उनकी स्मृतियों को प्रकृति के माध्यम से हमेशा जीवंत रखा जा सकता है। किसी की स्मृति में पौधा लगाना केवल श्रद्धांजलि नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ पर्यावरण देने का संकल्प भी है। आज समय की मांग है कि हम जन्मदिन, पुण्यतिथि और अन्य पारिवारिक अवसरों पर पौधरोपण करें तथा उनकी नियमित देखभाल की जिम्मेदारी भी निभाएं। प्रत्येक परिवार यदि एक पौधा लगाकर उसे वृक्ष बनाने का संकल्प ले, तो हमारा गांव हराभरा बन सकता है और पर्यावरण संरक्षण के अभियान को नई दिशा मिल सकती है।





