स्वीकृति के आस में दर-दर भटकने मजबूर, कलेक्टर से लगाई गुहार
दुर्ग। जनपद पंचायत दुर्ग के अधीन नगपुरा, चंगोरी, अंजोरा, कोकड़ी, पाऊवारा, ख़ुरसुल, गनियारी, मोहलाई, डंडेसरा, अंजोरा ढाबा सहित अनेक ग्रामों के पात्रता रखने वाले सैकड़ों हितग्राही प्रधानमंत्री आवास योजना से वंचित होने पर पूर्व अध्यक्ष सरपंच संघ दुर्ग रिवेंद्र यादव और पूर्व अध्यक्ष केश शिल्प कला बोर्ड नंदकुमार सेन की अगुवाई में कलेक्टर को ज्ञापन सौंपने बड़ी तादात में पहुंचे। उन्होंने बताया कि आवास ऐप के सिस्टम की गड़बड़ी का खामियाजा मिट्टी के मकान तथा पात्रता रखने के बाद भी वंचित किया जा रहा है।
अवगत हो कि दुर्ग जनपद व जिला सहित प्रदेश भर में प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के तहत हर कच्चे मकान को पक्के मकान की सौगात देने वर्ष 2018 से शिलशिला चल रहा है। जहां इस योजना के लिए प्रतीक्षा सूची तैयार किया गया और क्रमशः पात्र लोगों का आवास बनाया गया फिर छूटे जरूरतमंदों के लिए सरकार द्वारा आवास प्लस के तहत गांव गांव में मकान की स्वीकृति दी गई, जिसका कार्य प्रगति पर है। हालही में अंतिम तौर पर बच गए हितग्राहियों को अवसर देने आवास 2.0 में सर्वे कर ग्राम पंचायत से अनुमोदन करवा जिओ टेक किया गया है। जिसका अंतिम सत्यापन होना बाकी है इन तीनों आवास की प्रतिक्षा सूची, आवास प्लस और आवास 2.0 आ जाने के बाद भी दुर्ग जनपद के 47 गांव के 353 पात्र हितग्राही सहित पूरे जिले में सैकड़ों की संख्या में प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण ऐप के सिस्टम में बिना कोई वाजिब वजह के अपात्र वाले सूची में चला गया है। जिसमें अनेकों अति जरूरतमंद मकान विहीन लोगों के आशियाना का सपना प्रशासनिक निष्क्रियता और शासन की आंख मूंदने वाली व्यवस्था के चलते खत्म हो रहा है। भले ही पूरे छत्तीसगढ़ प्रदेश में योजना को लेकर पीठ थपथपाने का क्रम चल रहा हो पर किसी योजना की सफलता गांव समाज के अंतिम व्यक्ति तक लाभ पहुंचे बिना नहीं माना जा सकता।
ज्ञापन सौंपने वालों ने प्रमुख रूप से उपाध्यक्ष प्रदेश किसान कांग्रेस कृष्णा देवांगन, पूर्व सरपंच हिंछराम पारकर, पूनम वैष्णव, हेमंत साहू, खिलेंद्र साहू, लोकेश बंजारे, बलराम कौशिक, सुंदर देशमुख, चिंतामणि साहू, कोमल देशमुख, पार्श्वनाथ चौहान, फागेश, राजकुमार निषाद, ओंकार, नरेंद्र देशमुख, टीकाराम देशमुख, भगतराम सहित अनेक जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।





