दुर्ग। कृषि विभाग दुर्ग संभाग से जुड़ा एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक निर्णय सामने आया है. जिले में अफीम की खेती मामले में ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी एकता साहू, जिन्हें पूर्व में निलंबित किया गया था, उन्हें अब पुनः बहाल कर दिया गया है. हालांकि उनके विरुद्ध विभागीय जांच अभी भी जारी रहेगी. वहीं इस पूरे मामले में अब तक सात लोगों को जेल भेजा जा चुका है.
प्राप्त जानकारी के अनुसार, श्रीमती साहू को छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियम 1965 के तहत कर्तव्यों में लापरवाही और अनियमितताओं के आरोप में 13 मार्च 2026 को निलंबित किया गया था. इसके खिलाफ उन्होंने 20 मार्च को अपील प्रस्तुत की, जिस पर 23 मार्च को सुनवाई हुई. सुनवाई के दौरान प्रस्तुत तथ्यों और दस्तावेजों के आधार पर पाया गया कि फसल प्रदर्शन, ऑनलाइन पोर्टल एंट्री, प्रशिक्षण और कार्यों की निगरानी में कुछ कमियां थीं. साथ ही, तकनीकी कारणों और संसाधनों की कमी को भी जिम्मेदार माना गया. आयुक्त, दुर्ग संभाग के निर्देश पर मामले की विस्तृत जांच के लिए कलेक्टर दुर्ग को अधिकृत किया गया है. इसी के चलते श्रीमती साहू को निलंबन से बहाल करते हुए वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी, विकासखंड धमधा के अधीन पदस्थ किया गया है.
दरअसल दुर्ग जिले के ग्राम समोदा में मक्के की फसल बताकर अफीम की खेती करने वाले भाजपा नेता विनायक ताम्रकार और उसके सहयोगियों की गिरफ्तारी के बाद जिला प्रशासन ने ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी एकता साहू को निलंबित कर दिया था. एकता साहू पर आरोप था कि उन्होंने खेतों में जाकर सर्वेक्षण नहीं किया, जिसके कारण कागजों में मक्के की फसल बताकर जमीन में अफीम की खेती होती रही. वहीं इस पूरे मामले में अब तक सात लोगों को जेल भेजा जा चुका है. फिलहाल एकता साहू को विकासखंड धमधा के वरिष्ठ कृषि विस्तार अधिकारी के पद पर पदस्थ किया गया है.





