दुर्ग, 17 दिसम्बर 2025। बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना के अंतर्गत महिला एवं बाल विकास विभाग, जिला दुर्ग द्वारा लिंग आधारित हिंसा के विरुद्ध 25 नवम्बर (महिलाओं के विरुद्ध हिंसा उन्मूलन का अंतरराष्ट्रीय दिवस) से 10 दिसम्बर 2025 (मानव अधिकार दिवस) तक 16 दिवसीय सक्रियता अभियान का आयोजन किया गया। इस अभियान का उद्देश्य महिलाओं एवं बालिकाओं को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करना तथा हिंसा के विरुद्ध सशक्त बनाना रहा।
अभियान के अंतर्गत महिला सशक्तिकरण केन्द्र (हब) द्वारा शासकीय पूरणचंद कन्या उच्च माध्यमिक विद्यालय तर्रा, तुलाराम आर्य कन्या हायर सेकेंडरी स्कूल दुर्ग, रानी लक्ष्मीबाई हायर सेकेंडरी स्कूल दीपक नगर दुर्ग सहित कुल 6 विद्यालयों, 2 महाविद्यालयों, सामुदायिक भवनों एवं पंचायत स्तर पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए।
कार्यक्रमों में घरेलू हिंसा की व्यापक एवं समावेशी परिभाषा समझाई गई, जिसमें शारीरिक, यौन, मौखिक, भावनात्मक एवं आर्थिक हिंसा के विभिन्न रूपों पर प्रकाश डाला गया। प्रतिभागियों को बताया गया कि शारीरिक हिंसा से जहां गंभीर चोट या जीवन का खतरा हो सकता है, वहीं यौन हिंसा में बिना सहमति के यौन कृत्य एवं वैवाहिक बलात्कार भी शामिल हैं। घरेलू हिंसा के मानसिक दुष्प्रभावों जैसे चिंता, अवसाद, पोस्ट ट्रॉमेटिक स्ट्रेस डिसऑर्डर एवं आत्महत्या जैसे जोखिमों की भी जानकारी दी गई।
महिलाओं को अपने अधिकारों के प्रति सजग रहने तथा आवश्यकता पड़ने पर महिला हेल्पलाइन नंबर 181 पर संपर्क कर सहायता लेने के लिए प्रेरित किया गया। साथ ही कार्यस्थल पर यौन उत्पीड़न से संबंधित शिकायतों के लिए भारत सरकार के शी बॉक्स पोर्टल की जानकारी दी गई, जिसके माध्यम से सरकारी एवं निजी क्षेत्र में कार्यरत महिलाएं ऑनलाइन शिकायत दर्ज कर सकती हैं। अभियान के दौरान छोटे बच्चों को खेल-खेल में गुड टच और बैड टच की जानकारी दी गई। बच्चों को सिखाया गया कि किसी भी असहज या डराने वाले स्पर्श का विरोध करें, “ना” कहना सीखें और तुरंत माता-पिता या शिक्षक जैसे विश्वसनीय व्यक्ति को इसकी जानकारी दें।
इसके अतिरिक्त बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम 2006, भारतीय न्याय संहिता 2023, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023, मिशन शक्ति अंतर्गत उपलब्ध सेवाएं जैसे वन स्टॉप सेंटर, जिला महिला सशक्तिकरण केंद्र (हब), शक्ति सदन, सखी निवास, तथा हेल्पलाइन नंबर 1098 (चाइल्ड हेल्पलाइन) और 1930 (साइबर हेल्पलाइन) के संबंध में भी जागरूक किया गया। अभियान के अंत में बाल विवाह मुक्त भारत/छत्तीसगढ़ अभियान के तहत सभी स्कूलों एवं कॉलेजों में बाल विवाह रोकथाम हेतु शपथ दिलाई गई।
Leave a Comment





