दुर्ग जिले के अंतर्गत ग्राम नगपुरा में 17 दिसंबर से सुप्रसिद्ध कथा वाचक पंडित प्रदीप मिश्रा (सीहोर वाले) की भव्य शिव महापुराण कथा शुरू होने जा रही है।
दुर्ग। दुर्ग जिले के अंतर्गत ग्राम नगपुरा में 17 दिसंबर से सुप्रसिद्ध कथा वाचक पंडित प्रदीप मिश्रा (सीहोर वाले) की भव्य शिव महापुराण कथा शुरू होने जा रही है। इस बड़े धार्मिक आयोजन में लाखों की संख्या में उमड़ने वाली श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए दुर्ग यातायात पुलिस ने सुरक्षा और सुगमता के लिए विस्तृत रूट डायवर्सन और पार्किंग प्लान लागू किया है। पुलिस का मुख्य उद्देश्य यह है कि कथा में आने वाले शिवभक्तों के साथ-साथ आम नागरिकों को आवाजाही में किसी भी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े। आयोजन के दौरान चिखली चौक और धमधा रोड की ओर से कार्यक्रम स्थल की तरफ भारी वाहनों का प्रवेश पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा।
यातायात व्यवस्था को सुचारू रखने के लिए दुर्ग और पुलगांव की ओर से आने वाले भारी वाहनों को गनियारी बोरई मार्ग से होते हुए राजनांदगांव की ओर मोड़ दिया जाएगा। इसी तरह खैरागढ़ और जाल बांधा मार्ग से आने वाले भारी वाहनों को शनि मंदिर अंजोरा मोड़ की ओर से निकाला जाएगा। श्रद्धालुओं के वाहनों के लिए अलग-अलग दिशाओं में पार्किंग जोन बनाए गए हैं। रायपुर, भिलाई और दुर्ग की ओर से आने वाले श्रद्धालु अपने वाहन बाजार चौक के पास बिजली सब स्टेशन वाली पार्किंग में खड़े करेंगे, जबकि खैरागढ़ और धमधा की ओर से आने वाले भक्तों के लिए नगपुरा चौकी के आसपास मैदानों में पार्किंग की व्यवस्था की गई है।
पंडित प्रदीप मिश्रा का छत्तीसगढ़ से बेहद गहरा और पुराना नाता रहा है, यही कारण है कि उनकी हर कथा में यहाँ जनसैलाब उमड़ पड़ता है। इससे पहले छत्तीसगढ़ के भिलाई (जयंती स्टेडियम), रायपुर के अमलेश्वर, महासमुंद, बालोद और बिलासपुर जैसे शहरों में उनकी शिव महापुराण कथाएं ऐतिहासिक रही हैं। इन आयोजनों में न केवल छत्तीसगढ़ बल्कि पड़ोसी राज्यों से भी लाखों श्रद्धालु एक लोटा जल का संदेश सुनने और महादेव की भक्ति में डूबने पहुंचते रहे हैं। नगपुरा में होने जा रहा यह आयोजन भी इसी कड़ी का एक बड़ा हिस्सा है, जिसकी तैयारियां अब अंतिम चरण में हैं।





