उतई में सीआईएसएफ के 85वी बैच के नव आरक्षकों का हुआ दीक्षांत परेड, नव आरक्षकों ने ली देश सेवा की शपथ
दुर्ग। केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) के दुर्ग जिले के उतई में स्थित क्षेत्रीय प्रशिक्षण केंद्र में नव आरक्षकों के दीक्षांत परेड समारोह का आयोजन हुआ। इसमें 2063 आरक्षकों ने हिस्सा लिया। समारोह में सीआईएसएफ की महानिरीक्षक नीलिमा रानी सिंह शामिल हुईं। उन्होंने परेड का निरीक्षण कर सलामी ली।
शौर्य का प्रदर्शन: उप महानिरीक्षक रोहित कटियार ने नव आरक्षकों को कर्तव्य, निष्ठा की शपथ दिलाई। इस दौरान नव आरक्षकों ने आकर्षक मार्च पास्ट किया। नव आरक्षकों ने योग, मिक्स मार्शल आर्ट, रिफ्लेक्स शूटिंग, मलखम सहित अन्य विधाओं का प्रदर्शन भी किया।
सीआईएसएफ का गहन प्रशिक्षण: करीब 43 सप्ताह तक चले प्रशिक्षण के दौरान नवआरक्षकों को औद्योगिक एवं आंतरिक सुरक्षा के अलावा मेजर व माइनर एक्ट, फील्ड क्राफ्ट, आधुनिक हथियारों का गहन प्रशिक्षण दिया गया है। महानिरीक्षक नीलिमा रानी सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि सीआईएसफ देश की आंतरिक और सामरिक सुरक्षा के साथ ही देश की प्रगति में भी अपना दायित्व निभा रही है।
सीआईएसएफ के डीआईजी रोहित कटियार ने बताया कि केऔसुब के नव आरक्षक विभिन्न तरह की सैन्य कार्रवाई में प्रशिक्षित किए गए हैं। 1969 से सीआईएसफ 350 से ज्यादा उपक्रमों में सुरक्षा दे रही है। यह इस बात का प्रमाण है कि सीआईएसएफ अपना काम बखूबी कर रही है। उन्होंने आगे बताया कि हमारा 85वां दीक्षांत परेड है. 2063 कांस्टेबल जीडी पास आउट हुए। इनकी 43 हफ्ते की ट्रेनिंग हुई। वीआईपी सेक्युरिटी से लेकर इंटरनल सेक्युरिटी समेत हर तरह की ट्रेनिंग दी गई है। ये सभी अब किसी भी संवेदनशील जगह पर काम करने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।
1975 से शुरू हुआ सिलसिला: रोहित कटियार ने बताया कि भिलाई प्रशिक्षण केंद्र 1975 में स्थापित हुआ था। अब तक यहां से करीब 40 हजार प्रशिक्षु पास आउट हो चुके हैं। आतंकवाद समेत देश में कई तरह की चुनौतियां हैं, लेकिन हमारे जवान हर तरह की परिस्थिति के लिए तैयार हैं।
नव आरक्षक भी उत्साहित: प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले नव आरक्षकों ने कहा कि वे देश की सेवा में अपने कर्तव्य का निर्वहन पूरी ईमानदारी से करेंगें। प्रशिक्षण के दौरान विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रशिक्षणार्थियों को ट्रॉफी और प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया। इस दौरान केंद्रीय ओद्योगिक सुरक्षा बल आरटीसी के वरिष्ठ अधिकारियों के अलावा, उनके परिजन भी विशेष रूप से मौजूद रहे।




