पाटन। महिला एवं बाल विकास विभाग पाटन परियोजना के अंतर्गत ग्राम सांतरा में नारी अदालत का गठन किया गया। इस नारी अदालत के गठन के साथ अब गांव में होने वाले सामाजिक, पारिवारिक एवं आपसी विवादों का निपटारा गांव की महिलाओं की टीम द्वारा स्थानीय स्तर पर ही किया जाएगा। इससे न केवल महिलाओं की भागीदारी बढ़ेगी, बल्कि न्याय की प्रक्रिया भी सरल और सुलभ बनेगी।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि जनपद पंचायत अध्यक्ष श्रीमती कीर्ति नायक, विशेष अतिथि जनपद उपाध्यक्ष कमलेश वर्मा, एवं परियोजना अधिकारी श्रीमती छाया वर्मा उपस्थित रहीं। अतिथियों ने दीप प्रज्वलन कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया तथा नारी अदालत से जुड़ी महिलाओं को दिशा-निर्देश दिए। जनपद अध्यक्ष श्रीमती कीर्ति नायक ने अपने संबोधन में कहा कि “नारी अदालत ग्रामीण क्षेत्र की महिलाओं के सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इससे महिलाएं आत्मनिर्भर बनेंगी और समाज में न्याय व समानता की भावना को बल मिलेगा।”परियोजना अधिकारी छाया वर्मा ने बताया कि नारी अदालत में चयनित महिलाओं को प्रशिक्षण दिया जाएगा, ताकि वे घरेलू हिंसा, संपत्ति विवाद, बाल विवाह, दहेज प्रथा, महिला उत्पीड़न जैसे मामलों में संवेदनशीलता और निष्पक्षता से निर्णय ले सकें।
इस अवसर पर आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, सहायिका, ग्राम की महिलाएं, स्व-सहायता समूह की सदस्याएं तथा ग्रामीणजन बड़ी संख्या में उपस्थित थे। कार्यक्रम के अंत में सभी प्रतिभागियों ने महिलाओं के अधिकार और न्याय की स्थापना के लिए मिलकर कार्य करने का संकल्प लिया।”





