दुर्ग। छ.ग. सहकारी समिति कर्मचारी महासंघ के जिला इकाई दुर्ग द्वारा शुक्रवार को रैली निकालकर को मुख्यमंत्री के नाम कलेक्टर को चार सूत्रीय ज्ञापन सौपकर लंबित मांगो को पूर्ण करने की मांग की है। अन्यथा धान खरीदी का बहिष्कार करते हुए अनिश्चित कालीन आंदोलन करने की चेतावनी दी है। संघ के कोषाध्यक्ष जागेश्वर साहू ने बताया कि छ.ग. शासन की महत्वकांक्षी योजनाओं को प्रदेश के 2058 सहकारी समितियों के माध्यम से किसानों को सेवा दे रही है। समर्थन मूल्य धान खरीदी में समय पूर्व प्रदेश के 2058 समितियों के 2739 उपार्जन केंद्रों से समानुपात में धान का परिवहन नही होने से मार्कफेड रायपुर द्वारा सुखद की राशि सहीत प्रासंगिक व्यय सुरक्षा व्यय कमीशन की राशि काटकर समितियों को भुगतान करती है और मिलर द्वारा समय पर नही उठाने का पेनाल्टी राशि स्वयं लेती है।
फलस्वरूप धान खरीदी से होने वाली क्षति से समिति कर्मचारियों को समय पर वेतन नही मिल पा रही है जिससे सहकार से समृद्वि लाना असंभव है। गतवर्ष नवम्बर 2024 में आंदोलन के दौरान माननीय मुख्यमंत्री जी छ.ग. शासन से कोर कमिटी से बैठक भी सम्पन्न हुई थी। जिसके कारण से माननीय अपर मुख्य सचिव छ.ग. शासन खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं संरक्षण विभाग मंत्रालय महानदी छ.ग. के द्वारा दिनांक 12.12.2024 पत्र क्रमांक 4-9/224/29-1 में यदि 1 माह के पश्चात भी खरीदी केन्द्र में धान शेष रहता है तो उठाव हेतु शेष धान की मात्रा पर समिति को सुखत प्रदाय करने के लिए खाद्य विभाग द्वारा प्रस्ताव वित्त विभाग को लिखित पत्र जारी किया गया था। जिसका परिणाम शुन्य है। एवं 25.02.2025 पत्र कमांक 425 को धान सुखने से शासन को वित्तीय प्रभार आने हेतु पत्र शासन प्रशासन को लिखा गया था जो अप्राप्त है। एवं आयुक्त सहकारिता एवं पंजीयक सहकारी संस्थायें छ.ग. महोदय के पत्र दिनांक 11.11.2024 कमांक / साख/4196 लंबित मांगों की पूर्ति हेतु अंतविभागीय कमेटी का गठन करने माननीय सचिव छ.ग. शासन सहकारिता विभाग मंत्रालय महानदी भवन अटल नगर नवा रायपुर छ. ग. को लिखित पत्र लिखा गया था। वर्ष 2007-08 से लगभग 18 वर्षों तक निरंतर संविदा के रूप में कार्यरत धान खरीदी आपरेटरों के स्थान पर आउटसोर्सिंग में माध्यम से नियुक्ति करना न्याय सिद्धांत के विपरीत है। संघ द्वारा मांग एवं चरणबद्ध आंदोलन की सूचना दिनांक 15.10.2025 शासन-प्रशासन को दी गई थी। इस कारण चरण बद्ध अनिश्चित कालीन आंदोलन करने की रूपरेखा निम्नानुसार है।
अतः हमारी खाद्य विभाग 2 सूत्रीय लंवित मांग निम्नानुसार है :-
1. समर्थन मूल्य धान खरीदी वर्ष 2023-24 एवं वर्ष 2024-25 में धान परिदान पश्चात हुई संपूर्ण सुखत मान्य कर राशि समितियों को देते हुए धान खरीदी वर्ष 2024-25 कंडिका 1.10 में परिवहन पश्चात संपूर्ण सुखत समिति को दे अथवा प्रत्येक सप्ताह संपूर्ण परिवहन हो और वर्ष 2024-25 में शुन्य शार्टेज प्रोत्साहन का भी प्रावधान कर विभिन्न प्रदत्त कमीशन, प्रशांगिक, सुरक्षा व्यय में बढोतरी की जावे एवं मध्य प्रदेश सरकार की भांति शासकीय उचित मूल्य दुकान दारों के विक्रेताओं को प्रतिमाह 3000 रूपये दी जावे, छ.ग. शासन के कलेक्टर द्वारा नामित प्रशासनिक धान खरीदी अधिकारी प्रभारी को खरीदी से सम्पूर्ण धान परिवहन मिलान अंतिम तक सुखत की जिम्मेदारी लिखित में जारी किया जावे।
2. धान खरीदी नीति वर्ष 2024-25 में वर्णित कंडिका कमांक 11.3.3 आउट सोर्सिंग द्वारा कम्प्युटर आपरेटर के नियोजन को विलापित कर विभाग तय करते हुए नियमितिकरण किया जावे।
सहकारिता विभाग 2 सूत्रीय लंबित मांग निम्नानुसार है :-
1. प्रदेश के 2058 सहकारी समितियों में कार्यरत कर्मचारियों को वेतनमान देने हेतु प्रति वर्ष प्रत्येंक समितियों को 3-3 लाख रूपये प्रबंधकीय अनुदान राशि मध्यप्रदेश सरकार की भांति दी जावे।
2. श्री कांण्डे कमेटी की अध्यक्षता रिपोर्ट सेवानियम 2018 संशोधन में भविष्य निधि, मंहगाई भत्ता, ई.एस. आई.सी. सुविधा, संस्था के दैनिक / संविदा कर्मचारियों को समिति के सीधी भर्ती में प्राथमिकता / बोनस अंक अनविार्य कर शीघ्र लागू करते हुए बैंक केडर समिति प्रबंधक पद, तृतीय, चतुर्थ श्रेणी के बैंको के खाली पदों पर समितियों के सहायक कर्मचारियों को 50 प्रतिशत विभागीय भर्ती करते हुए उम्र एवं योग्यता में शिथिलता दी जावे।
आंदोलन की रूप रेखाः-
1. 24/10/2025 दिन शुक्रवार सभी 33 जिलों के जिला मुख्यालय पर जिला स्तरीय ज्ञापन रैली के माध् यम से छ.ग. विभिन्न मंत्रीयों के नाम कलेक्टर को ज्ञापन सौपकर प्रेस, मिडिया कॉफ्रेन्श।
2. 28/10/2025 दिन मंगलवार एक दिवसीय प्रदेश स्तरीय महा हुंकार ज्ञापन रैली के माध्यम से विभिन्न मंत्रीयों को ज्ञापन सौपकर प्रेस, मिडिया कॉफेन्श।
3. 03/11/2025 से 11/11/2025 तक संभाग स्तरीय अनिश्चित कालीन आंदोलन।
4. 12/11/2025 से लम्बीत जायज 4 सूत्रीय मांगों की पूर्ति हेतु छ.ग. शासन केबिनेट के निर्णय तक।





